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जदयू नेता ललन सिंह सावन में मटन पार्टी को लेकर विवादों में हैं। विपक्ष भाजपा पर सनातन धर्म का सम्मान न करने का आरोप लगा रहा है। ललन सिंह ने मुंगेर में भोज का आयोजन किया जिसमें शाकाहारी और मांसाहारी दोनों भोजन थे। राजद ने कहा कि एनडीए वोट के लिए धर्म का इस्तेमाल करता है।

पटना। सावन में अपने समर्थकों को मटन खिलाकर केंद्रीय मंत्री एवं जदयू के वरिष्ठ नेता राजीव रंजन सिंह ऊर्फ ललन सिंह चर्चा में आ गए हैं। महागठबंधन के दल कह रहे हैं कि भाजपा और उसके घटक दलों का सनातन प्रेम महज वोट के लिए है। वास्तविक जीवन में इन दलों के नेता सनातन की परम्परा और मान्यताओं का तनिक सम्मान नहीं करते।

केंद्रीय मंत्री ने अपने संसदीय क्षेत्र मुंगेर के सूर्यगढ़ा में बुधवार को कार्यकर्ताओं के लिए भाेज का आयोजन किया था। सभा मंच से उन्होंने समर्थकों से आग्रह किया कि वे सब भोज खाकर जाएं। सावन वाला भोजन (शाकाहारी) है। उनके लिए भी है, जो सावन नहीं मानते हैं। इसके बाद उनके समर्थकों ने दोनों तरह के भोजन का आनंद लिया और विपक्ष को एक मुद्दा दे दिया।

उसमें राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी को स्वादिष्ट मटन बनाने का तरीका समझा रहे थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक ने इसकी आलोचना की थी। इसी तरह विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव का मछली खाने वाला एक वीडियो पिछले साल अप्रैल में प्रसारित हुआ था।

उन दिनों चैती नवरात्र चल रहा था। एनडीए के घटक दलों ने तेजस्वी की तीखी आलोचना की थी। राजद के प्रवक्ता चितरंजन गगन ने कहा कि एनडीए के नेताओं को धर्म-कर्म से कोई मतलब नहीं है। ये वोट बटोरने के लिए ही धार्मिक भावनाओं का उपयोग करते हैं।

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