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नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव द्वारा दिखाए गए ईपिक कार्ड पर विवाद जारी है। निर्वाचन पदाधिकारी ने उन्हें 16 अगस्त तक कार्ड का विवरण और मूल प्रति जमा करने का निर्देश दिया है। डेटाबेस मिलान में पाया गया कि दिखाया गया कार्ड निर्वाचन आयोग द्वारा जारी नहीं किया गया है। तेजस्वी ने पहले मतदाता सूची से नाम गायब होने की बात कही थी पर जांच में उनका नाम मिला।

पटना। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव जिस ईपिक कार्ड का हवाला दे गहन पुनरीक्षण के बाद प्रारूप मतदाता सूची से नाम काटने का दावा किया था, वह गंभीर होता जा रहा है।

दीघा के निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी ने शुक्रवार शाम तक आरएबी-2916120 संख्या वाले ईपिक कार्ड का विवरण व उसकी मूल प्रति नहीं मिलने पर तेजस्वी प्रसाद को दूसरा स्मारपत्र भेजा है। इसमें 16 अगस्त की शाम पांच बजे तक फर्जी प्रतीत होते ईपिक कार्ड को जमा कराने का निर्देश दिया गया है।

तीसरे पत्र में मामले की गंभीरता के दिए संकेत:

निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी द्वारा फर्जी प्रतीत होने वाले ईपिक कार्ड काे उपलब्ध कराने को लिखे तीसरे पत्र में मामले की गंभीरता के संकेत दिए हैं।

पहली बार पत्र में कहा गया है कि गत कई वर्षों की मतदाता सूचियों के डेटा बेस मिलान पर भी दो अगस्त को नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद द्वारा प्रदर्शित आरएबी-2916120 ईपिक कार्ड निर्वाचन आयोग द्वारा जारी किया नहीं पाया गया। प्रतीत होता है कि आपके द्वारा प्रदर्शित ईपिक कार्ड फर्जी है। यही नहीं, फर्जी सरकारी दस्तावेज बनाना एवं प्रयोग करना कानूनी अपराध है

क्या है मामला?

तेजस्वी प्रसाद यादव ने गहन पुनरीक्षण के बाद एक अगस्त को प्रकाशित प्रारूप मतदाता सूची में आरएबी2916120 नंबर के ईपिक कार्ड दिखाकर नाम अंकित नहीं होने व विलोपित करने की बात कही थी।

जांच में पाया गया कि उनका नाम है और वैध ईपिक नंबर आरएबी0456228 है, जिसका इस्तेमाल 2015 व 2020 में राघोपुर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र से नामांकन में भी किया था।

विशेष गहन पुनरीक्षण में बीएलओ को दिए गणना प्रपत्र में भी इसी नंबर का ईपिक कार्ड दिया गया था। ऐसे में आरएबी2916120 नंबर के ईपिक कार्ड की जांच के लिए मूल प्रति की जरूरत है।