उत्तर प्रदेश में सीएम कंपोजिट विद्यालय योजना के तहत बच्चों को प्री-प्राइमरी से 12वीं तक की शिक्षा एक ही परिसर में मिलेगी। पहले चरण में 43 विद्यालय बन रहे हैं जिनमें आधुनिक सुविधाएं होंगी। प्रत्येक विद्यालय 10 एकड़ में फैला होगा और लगभग 30 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इन विद्यालयों में स्मार्ट क्लासरूम और कौशल विकास केंद्र जैसी सुविधाएं होंगी जिससे शिक्षा का नया मानक स्थापित होगा।
लखनऊ। प्रदेश में बच्चों को एक ही परिसर में प्री-प्राइमरी से लेकर 12वीं तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने की प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘सीएम कंपोजिट विद्यालय’ अगले सत्र से हकीकत बनने जा रही है। पहले चरण में 43 विद्यालयों का निर्माण तेजी से हो रहा है। अगले वर्ष तक ये तैयार हो जाएंगे। इन विद्यालयों में पहले साल प्री-प्राइमरी से आठवीं कक्षा तक के बच्चों को प्रवेश मिलेगा।
सीएम कंपोजिट विद्यालय 10 एकड़ के विशाल परिसर में बनाए जा रहे हैं, जिनमें प्रत्येक के निर्माण पर करीब 30 करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं। यहां आधुनिक सुविधाएं जैसे स्मार्ट क्लासरूम, डिजिटल लाइब्रेरी, कंप्यूटर लैब, कौशल विकास केंद्र, मिनी स्टेडियम, शिक्षकों के लिए आवास, और स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था होगी
दूसरे चरण में तहसील स्तर पर भी ऐसे विद्यालय खोले जाएंगे। शुरुआत में हर विद्यालय में 1500 बच्चों के प्रवेश का लक्ष्य रखा गया है।
आठवीं तक के बच्चों की पढ़ाई के लिए परिषदीय विद्यालयों के शिक्षक तैनात किए जाएंगे, जबकि एक प्रधानाचार्य और एक उप-प्रधानाचार्य की नियुक्ति होगी। यहां बच्चों को ऐसी सुविधाएं और माहौल मिलेगा, जिससे उनकी पढ़ाई के साथ-साथ खेल, कौशल और व्यक्तित्व विकास भी होगा।
इन विद्यालयों की सबसे बड़ी खासियत यह है कि एक बार बच्चे का प्रवेश होने के बाद वह 12वीं कक्षा तक यहीं पढ़ सकता है। इससे अभिभावकों को बार-बार स्कूल बदलने की चिंता नहीं होगी। आधुनिक तकनीक और सभी सुविधाओं से लैस यह माडल विद्यालय ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में शिक्षा का नया मानक स्थापित करेंगे।
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