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कांग्रेस ने बिहार मतदाता सूची पुनरीक्षण विवाद में सुप्रीम कोर्ट के आदेश का स्वागत किया और कहा कि अदालत के हस्तक्षेप से लोकतंत्र चुनाव आयोग के हमले से बच गया। जयराम रमेश ने मतदाता सूची में आधार को मान्य बनाने के फैसले को चुनाव आयोग को बेनकाब करने वाला बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि एसआईआर के दौरान आयोग का रवैया मतदाता विरोधी था।

कांग्रेस ने बिहार में मतदाता सूची विशेष सघन पुनरीक्षण (SIR) विवाद में सुप्रीम कोर्ट के शुक्रवार को दिए ताजा आदेश का स्वागत करते हुए दावा किया कि सर्वोच्च अदालत के हस्तक्षेप के चलते देश का लोकतंत्र चुनाव आयोग के क्रूर हमले से बच गया है।

मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए आधार को मान्य दस्तावेज बनाने के सर्वोच्च अदालत के फैसले को चुनाव आयोग को बेनकाब करने वाला करार देते हुए कांग्रेस के संचार महासचिव जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि एसआईआर के दौरान आयोग का रवैया पूरी तरह मतदाता विरोधी रहा है।

SC के फैसले पर जयराम रमेश का तर्क

सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर कांग्रेस का आधिकारिक दृष्टिकोण जाहिर करते हुए जयराम रमेश ने कहा कि अदालत ने इस प्रक्रिया में राजनीतिक दलों को शामिल करके मतदाता सूची में संशोधन को और अधिक समावेशी बनाने के लिए सुरक्षा उपाय किए हैं। अदालत के इस निर्णय से देश का लोकतंत्र भारत के चुनाव आयोग के घातक हमले से बच गया है।

SIR पर कांग्रेस ने उठाए सवाल

एसआईआर के पीछे की मंशा पर सवाल उठाते हुए जयराम ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में अब तक आयोग का रवैया बाधा उत्पन्न करने तथा मतदाताओं के हितों के विपरीत रहा है और आज चुनाव आयोग बदनाम ही नहीं पूरी तरह से बेनकाब भी हो गया है। आयोग पर तंज कसते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि इसके जी-2 कठपुतली संचालक निर्णायक रूप से पराजित हुए हैं।

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