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असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा सोमवार को झारखंड पहुंचे। यहां उन्होंने उत्पाद सिपाही भर्ती दौड़ में मृत दो युवाओं के स्वजनों से मुलाकात की। इसके बाद मीडिया से बात करते हुए उन्होंने एक बड़ा दावा कर दिया। उन्होंने कहा कि झामुमो और कांग्रेस के कई नेता भाजपा के संपर्क में हैं लेकिन पहले भाजपा नेताओं को तवज्जो दी जाएगी।

रांची। असम के मुख्यमंत्री और झारखंड के चुनाव सह प्रभारी हिमंत बिस्वा सरमा ने बड़ा दावा करते हुए कहा है कि झारखंड कांग्रेस के 12 से 14 विधायक उनसे संपर्क कर रहे हैं, लेकिन सबको भाजपा में नहीं लिया जा सकता।

इसी तरह झामुमो के भी दो तीन लोग संपर्क में हैं। हिमंत ने कहा कि उनकी पहली प्राथमिकता झारखंड भाजपा के नेताओं के प्रति है। इसलिए दूसरे दल के लोगों से संपर्क होने के बाद भी उन्हें अपनी पार्टी में नहीं ले रहे हैं। हिमंत ने सोमवार को रांची एयरपोर्ट पर संवाददाताओं के सवालों के जवाब में ये बातें कहीं।

हाल ही में कांग्रेस नेता बंधु तिर्की द्वारा भाजपा की ओर से आफर दिए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि बंधु तिर्की को वह नहीं जानते हैं। फोन करने का तो सवाल ही नहीं है।

भाजपा ने मृतकों के स्वजन के लिए की मुआवजे की मांग

हाल ही में उत्पाद सिपाही बहाली दौड़ के क्रम में अभ्यर्थियों की मौत के संबंध में उन्होंने कहा कि भाजपा ने मृतकों के स्वजन के लिए नौकरी और 50 लाख रुपये मुआवजे की मांग की है।

उन्होंने कहा कि झारखंड के मुख्यमंत्री ने अभ्यर्थियों की मौत के लिए कोविड वैक्सीन को जिम्मेदार ठहरा दिया है, जबकि सीएम ने खुद टीका लिया था और लोगों को बताया था कि कोविड का टीका सुरक्षित है।

हिमंत बिस्वा सरमा सोमवार को रांची के सिपाही भर्ती दौड़ में जान गंवाने वाले ओरमांझी और नामकुम निवासी दो अभ्यर्थियों के घर भी पहुंचे और उनको परिवार के लोगों को सांत्वना दी।