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झारखंड विधानसभा चुनाव में भाजपा 52 से अधिक सीटें जीतने का लक्ष्य लेकर चल रही है। पूर्व मुख्यमंत्री चम्पाई सोरेन के शामिल होने के बाद पार्टी का उत्साह बढ़ा है। भाजपा संताल परगना के आदिवासी क्षेत्रों में बांग्लादेशी घुसपैठ कोल्हान में आदिवासी समाज के बीच घुसपैठ पलामू प्रमंडल रांची धनबाद जैसे शहरी केंद्र में युवाओं के बीच बेरोजगारी उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा में हुई मौत का मुद्दा जोरशोर से उठाएगी।

रांची। विधानसभा चुनाव में भाजपा 52 से अधिक विधानसभा सीटों पर जीत का लक्ष्य लेकर चल रही है। पूर्व मुख्यमंत्री चम्पाई सोरेन के शामिल होने के बाद प्रदेश भाजपा ने आंतरिक सर्वे कराया। इसके नतीजे ने भाजपा नेताओं को चौंकाने के साथ खुश कर दिया। सरकार बनने की संभावना दिखने पर पार्टी का उत्साह बढ़ा है।

2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को 52 विधानसभा सीटों पर बढ़त मिली थी। 2019 के लोकसभा चुनाव में भी भाजपा ने 60 से अधिक विधानसभा सीटों पर बढ़त हासिल की थी। हालांकि, उसी साल हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा की हार हुई थी।

लेकिन भाजपा को करीब 52 लाख मत मिले थे। भाजपा के रणनीतिकारों का मानना है कि इस बार वो विपक्ष में हैं। ऐसे में किसी सत्ता विरोधी लहर से उसे नहीं जूझना है। भाजपा के चुनाव प्रभारी और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने क्षेत्र के हिसाब से चुनाव अभियान चलाने की रणनीति तय की है। इस साल लोकसभा चुनाव में मिले 82 लाख मतों को विधानसभा चुनाव में पार्टी बढ़ाने का प्रयास करेगी।

संताल और कोल्हान में बांग्लादेशी घुसपैठ, पलामू में रोजगार का मुद्दा

संताल परगना के आदिवासी क्षेत्रों में बांग्लादेशी घुसपैठ से हो रहे जनसंख्या में बदलाव का मुद्दा भाजपा जोरशोर से उठा रही है। कोल्हान में भी आदिवासी समाज के बीच भाजपा इस मुद्दे को लेकर जाएगी। पार्टी की रणनीति के मुताबिक सभी आदिवासी नेता अपने समुदाय को उनकी ही स्थानीय भाषा में घुसपैठ के नुकसान से अवगत कराएंगे। जबकि पलामू प्रमंडल, रांची, धनबाद जैसे शहरी केंद्र में युवाओं के बीच बेरोजगारी, उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा में हुई मौत का मुद्दा जोरशोर से उठाया जाएगा।

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