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जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव से पहले नेशनल कॉन्फ्रेंस और कांग्रेस के बीच भले ही गठबंधन हुआ लेकिन दोनों दलों के नेताओं के दिल नहीं मिले हैं। नेकां के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला और कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष विकार रसूल वानी के बीच जुबानी हमला लगातार जारी है। उमर ने विकार को नाकाबिल बताया तो विकार ने भी उमर को वोट की भीख मांगने वाला कहा।

श्रीनगर। नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) के उपाध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला व कांग्रेस के पूर्व प्रदेश प्रमुख विकार रसूल वानी के बीच वाकयुद्ध लगातार तेज होता जा रहा है।

उमर अब्दुल्ला ने सोमवार को विकार रसूल वानी पर निशाना साधते हुए कहा जिस व्यक्ति को उसकी ही पार्टी ने असमर्थ मान कर चुनाव से ठीक पहले प्रदेश प्रमुख की जिम्मेदारी से मुक्त कर दिया हो, वह क्या लोगों की उम्मीदों को पूरा करेगा।

विकार रसूल वानी ने भी इसका जवाब देते हुए कहा कि उमर साहब अगर इतने ही काबिल और लोकप्रिय हैं तो फिर कटोरा लेकर वोट की भीख क्यों मांग रहे हैं। क्यों अपनी टोपी उतारकर इज्जत का वास्ता दे रहे हैं।

गठबंधन के बावजूद 5 सीटों पर दोनों दलों के उम्मीदवार

मौजूदा विधानसभा चुनाव में नेकां और कांग्रेस का गठबंधन है। इसके बावजूद दोनों दल पांच सीटों पर एक-दूसरे के खिलाफ लड़ रहे हैं। बनिहाल भी ऐसी ही सीट है, जहां दोनों एक-दूसरे के खिलाफ हैं।

बनिहाल में प्रदेश कांग्रेस के पूर्व प्रमुख विकार रसूल वानी चुनाव लड़ रहे हैं और नेकां ने सज्जाद शाहीन को अपना उम्मीदवार बनाया है।

विकार रसूल वानी ने रविवार को नेकां पर जम्मू-कश्मीर को आतंकी हिंसा में झोंकने का आरोप लगाते हुए कहा था कि नेकां नेताओं के हाथ कश्मीरियों के खून से सने हैं

उमर ने विकार को बताया नाकाबिल

उमर अब्दुल्ला ने सोमवार को बनिहाल में एक रैली के बाद पत्रकारों से बातचीत में विकार रसूल वानी के आरोपों पर कहा कि मैं सामान्य तौर पर इस तरह की बातों का जवाब नहीं देता, लेकिन उसने जो कहा है, उनका जवाब देना जरूरी है। वह हमारे नेताओं, हमारे झंडे के खिलाफ बोल रहा है, उसने शेख मोहम्मद अब्दुल्ला की निंदा की है।

उमर अब्दुल्ला ने कहा कि मैं बस उससे यह पूछना चाहता हूं कि दो माह पहले जब हम यहां चुनाव प्रचार कर रहे थे तो उस समय वह मेरे साथ ही थे और तब वह हमारी नेकां की तारीफ के पुल बांध रहे थे। वह उस समय झूठ बोल रहे थे या फिर आज झूठ बोल रहे हैं। उन्हें बताना चाहिए।

उन्होंने कहा कि खैर, वह प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष थे, विधानसभा चुनाव के समय उन्हें इस पद से क्यों हटाया गया? यह जानने की बात है। कांग्रेस को पता था कि वह असमर्थ हैं, वह नाकाबिल हैं, इसलिए उन्हें हटाया गया। जिस आदमी पर उसकी पार्टी ने यकीन नहीं किया, वह कैसे आप लोगों का भरोसा रख सकता है।

विकार रसूल वानी ने भी उमर को आड़े हाथों लिया

विकार रसूल वानी ने नेकां उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला के जवाब को सुनने के बाद अपनी एक जनसभा में कहा कि उमर अब्दुल्ला को क्यों वोट की भीख मांगनी पड़ रही है। अगर नेकां ने लोगों के लिए काम किया होता तो उन्हें कटोरा लेकर नहीं घूमना पड़ता। गांदरबल जहां उमर अब्दुल्ला खुद चुनाव लड़ रहे हैं, वहां वह अपने सिर की टोपी उतारकर लोगों के कदमों में रख रहे हैं। उन्हें इज्जत का वास्ता देकर वोट मांग रहे हैं। वानी ने कहा कि उनको यकीन है कि मेरे साथी, मेरे मतदाता मुझे ऐसा नहीं करने देंगे।