जम्मू-कश्मीर में पहली बार पाकिस्तान से आए हिंदू विधानसभा चुनाव में मतदान करेंगे। 1947 में विभाजन के बाद से यह उनके लिए ऐतिहासिक क्षण है। अनुच्छेद 370 के खत्म होने के बाद उन्हें स्थायी निवासी का दर्जा मिला और अब वे मतदान कर सकेंगे। इस दिन को वे त्योहार की तरह मनाएंगे। बता दें कि दूसरे चरण का चुनाव 25 सितंबर को होगा।
जम्मू। 1947 में विभाजन के समय पाकिस्तान से जम्मू-कश्मीर आए हिंदू इन दिनों बेहद उत्साहित हैं। इस विधानसभा चुनाव में वे पहली बार वोट डालेंगे।
अनुच्छेद 370 खत्म होते ही बने स्थायी निवासी
2019 में अनुच्छेद 370 खत्म होते ही यह नागरिक जम्मू-कश्मीर के स्थायी निवासी बने और उनके लिए विधानसभा में मतदान करने का रास्ता भी खुल गया। 70 वर्ष बाद अब पहली बार वोट डालने का सपना पूरा होने जा रहा है।
पहली अक्टूबर को यह लोग पहली जम्मू-कश्मीर विधानसभा के लिए वोट डाल सकेंगे। इस दिन को पाकिस्तान से आए विस्थापित त्योहार की तरह मनाएंगे। वेस्ट पाक रिफ्यूजी एक्शन कमेटी के सदस्यों का कहना है कि पाकिस्तान से आए विस्थापितों के लिए मतदान का दिन किसी उत्सव से कम नहीं हैं।
5700 हिंदू परिवार पाकिस्तान से आए थे भारत
इस दिन हम अपने घरों में विशेष पकवान बनाएंगे। अधिकांश घरों में पूड़ी-हलुवा बनेगा। लड्डू भी बंटेंगे, क्योंकि मतदान का यह दिन लंबे इंतजार के बाद आया है। 1947 में तकरीबन 5700 हिंदू परिवार पाकिस्तान से जम्मू-कश्मीर में आ गए थे।
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