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भारत गौरव यात्रा के साथ भारत और नेपाल की सांस्कृतिक विरासत की एक अविस्मरणीय यात्रा पर निकलें। आईआरसीटीसी का यह विशेष टूर पैकेज आपको अयोध्या वाराणसी सीतामढ़ी जनकपुर और काठमांडू जैसे पवित्र स्थलों की यात्रा कराएगा। इस 10 दिवसीय यात्रा में आप भारत और नेपाल के समृद्ध इतिहास और संस्कृति का अनुभव करेंगे। रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने IRCTC को बधाई दी है।

दक्षिणी दिल्ली। प्रधानमंत्री मोदी ने रेलवे के माध्यम से भारत की सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करने का संकल्प लिया। इसके तहत भारत गौरव यात्रा नाम से सेवा शुरू हुई। भारत गौरव यात्रा के रूप में जो सेवा शुरू हुई, उसमें एक के बाद एक गौरव भारत यात्राएं जुड़ती जा रही हैं।

भारत और नेपाल के सांस्कृतिक विरासत के स्थान यात्रा एक पैकेज में हों, इसकी व्यवस्था गौरव टूरिस्ट ट्रेन में की गई है। हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन से शुक्रवार को गौरव टूरिस्ट ट्रेन रवाना करने के दौरान रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने यह कहा। उन्होंने कहा कि इसमें अयोध्या में भगवान श्रीराम जन्मभूमि से लेकर सीतामढ़ी, जनकपुर, काशी विश्वनाथ और श्रीपशुपतिनाथ के दर्शन का पूरा पैकेज है।

ट्रेन से लेकर सड़क मार्ग तक की सुगम यात्रा

यहां से बॉर्डर तक ट्रेन से सफर है और वहां से सड़क मार्ग द्वारा आगे की यात्रा रेलवे की ओर से है। उन्होंने कोचों का दौरा किया और भारत गौरव यात्रा को लेकर यात्रियों के विचार जानें। उनमें से एक ने उन्हें बताया कि यह उनकी पत्नी के साथ उनकी 15वीं यात्रा थी।

रेलमंत्री ने आईआरसीटीसी को दी बधाई 

सफल टूर आयोजित करने के लिए रेलमंत्री ने आईआरसीटीसी को बधाई भी दी। ट्रेन 110 पर्यटकों को भारत और नेपाल के विभिन्न सांस्कृतिक और धार्मिक स्थलों की 10 दिवसीय यात्रा के लिए रवाना हुई।

ट्रेन यात्रियों को पहले अयोध्या ले जाएगी। वहां से वाराणसी और उसके बाद सीतामढ़ी ले जाएगी। जनकपुर सड़क यात्रा और नेपाल के कई धार्मिक स्थलों की यात्रा के लिए काठमांडू तक फ्लाइट की भी व्यवस्था है।