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दिल्ली की नई मुख्यमंत्री आतिशी ने शपथ लेने के बाद अपने मंत्रियों के विभागों की घोषणा कर दी है। उन्होंने अपने पास वित्त शिक्षा लोक निर्माण जल ऊर्जा सहित सभी प्रमुख विभाग रखे हैं। आतिशी दिल्ली की राजनीति में सबसे अधिक विभाग संभालने वाली मुख्यमंत्री बन गई हैं। इस कदम से उन्होंने संदेश दिया है कि उनकी प्राथमिकता दिल्ली को विकास के पथ पर आगे बढ़ाने की है।

मुख्यमंत्री पद का शपथ लेने के कुछ देर बाद ही आतिशी ने अपने मंत्रियों के विभाग भी घोषित कर दीं। मंत्रियों से अधिक विभागों की जिम्मेदारी वह स्वयं निभाएंगी। अरविंद केजरीवाल सरकार में मंत्री रहते हुए भी उनके पास वित्त, शिक्षा, लोक निर्माण, जल, ऊर्जा सहित 13 विभाग थे। मुख्यमंत्री बनने के बाद भी ये सभी विभाग उनके पास रहेंगे। दिल्ली की राजनीति में वह सबसे अधिक विभाग संभालने वाली मुख्यमंत्री रहेंगी।

अरविंद केजरीवाल मुख्यमंत्री रहते हुए अपने पास कोई विभाग नहीं रखा था। इस कारण आतिशी को लेकर भी कयास लग रहे थे। आम आदमी पार्टी के नेताओं ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि आतिशी बिना विभाग की मंत्री नहीं रहेंगी। पहले से संभाल रही कोई विभाग अन्य मंत्रियों को दे सकती हैं।

प्रमुख विभाग आतिशी के पास

परंतु, उन्होंने सभी विभाग अपने पास रखे हैं। प्रमुख विभाग अपने पास रखकर उन्होंने संदेश दिया है कि उनकी प्राथमिकता दिल्ली को विकास के पथ पर आगे बढ़ाने और नि:शुल्क बिजली-पानी की सुविधा जारी रखने में किसी तरह का व्यवधान नहीं आने देंगी।

सौरभ भारद्वाज के दो विभाग बढ़े

मंत्री सौरभ भारद्वाज के दो विभाग बढ़ गए हैं। उन्हें सहकारिता और समाज कल्याण विभाग की भी जिम्मेदारी दी गई है। केजरीवाल सरकार में दोनों विभाग राजकुमार आनंद के पास थे। संभावना जताई जा रही थी मुकेश अहलावत को दोनों विभाग मिलेंगे। अन्य मंत्रियों के विभाग पहले की तरह हैं।

आतिशी से पहले पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के पास सात विभाग थे। उनके पास गृह, वित्त, कला संस्कृति, पर्यटन, योजना, पर्यावरण, सामान्य प्रशासन विभाग थे। पूर्व मुख्यमंत्री मदन लाल खुराना, साहिब सिंह वर्मा और सुषमा स्वराज के पास भी अपने पास अधिक विभाग नहीं थे।

दिल्ली सरकार के मंत्री और उनके विभाग

मंत्री

विभाग

मुख्यमंत्री आतिशी

लोक निर्माणा विभाग, ऊर्जा, शिक्षा, उच्च शिक्षा, प्रशिक्षण व तकनीकी शिक्षा, जनसंपर्क विभाग, राजस्व, वित्त, सेवा, सतर्कता, जल और विधि, न्याय एवं विधायी मामले सहित वो सभी विभाग जिसे किसी मंत्री को नहीं दिया गया।

सौरभ भारद्वाज

शहरी विकास, सिंचाई व बाढ़ नियंत्रण, स्वास्थ्य, उद्योग, कला-संस्कृति व भाषा, पर्यटन, समाज कल्याण व सहकारिता विभाग।

गोपाल राय

विकास, सामान्य प्रशासन विभाग, पर्यावरण-वन व वन्य जीव।

कैलाश गहलोत

परिवहन, प्रशासनिक सुधार, सूचना व तकनीक, गृह, महिला व बाल विकास।

मुकेश अहलावत

गुरुद्वारा चुनाव, अनुसूचित जाति व जनजाति, भूमि व भवन, श्रम, रोजगार।

इमरान हुसैन

खाद्य-आपूर्ति, चुनाव।