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हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार ने स्ट्रीट वेंडर्स के लिए दुकानों पर नेम प्लेट लगाने के मामले पर अपना इरादा साफ कर दिया है। प्रदेश सरकार ने कहा है कि इस मामले में अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है और सभी सुझावों पर संवेदनशीलता से विचार किया जा रहा है। इस संबंध में संसदीय कार्य मंत्री हर्षवर्धन चौहान की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया है

शिमला। हिमाचल प्रदेश में मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने  बीते दिन स्ट्रीट वेंडर्स को लेकर कहा था कि रेहड़ी-पटरी और भोजनालय वालों को दुकानों के आगे नेम प्लेट लगानी होगी

इस पर अब सुक्खू सरकार ने स्पष्टीकरण दिया है। प्रदेश सरकार के एक प्रवक्ता ने बताया कि स्ट्रीट वेंडर्स नीति के संबंध में समाज के विभिन्न वर्गों से सुझाव प्राप्त हुए हैं और इस मामले के हर पहलू पर संवेदनशीलता के साथ विचार किया जा रहा है।

अभी तक नहीं लिया गया कोई फैसला

उन्होंने कहा कि अभी तक प्रदेश सरकार ने विक्रेताओं द्वारा अपनी दुकानों पर नेम प्लेट या अन्य पहचान अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करने के संबंध में कोई निर्णय नहीं लिया है। प्रदेश सरकार स्ट्रीट वेंडर्स से संबंधित मुद्दों का समाधान करने के लिए प्रतिबद्ध है और इस सन्दर्भ में निर्णय लेने से पूर्व सभी सुझावों पर संवेदनशीलता से विचार किया जाएगा।

समिति में इन नेताओं को मिली जगह

प्रवक्ता ने कहा कि इस संदर्भ में संसदीय कार्य मंत्री हर्षवर्धन चौहान की अध्यक्षता में कांग्रेस और भाजपा विधायकों की एक समिति का गठन किया गया है। ग्रामीण विकास एवं पंचायती मंत्री अनिरूद्ध सिंह, लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह, विधायक अनिल शर्मा, सतपाल सती, रणधीर शर्मा और हरीश जनारथा इस समिति के सदस्य हैं।

विक्रमादित्य ने बुधवार को किया था एलान

प्रदेश में शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने बुधवार को कहा कि हिमाचल में भी हर भोजनालय और फास्टफूड रेहड़ी पर ओनर की आईडी लगाई जाएगी ताकि लोगों को किसी भी तरीके की परेशानी न हो।

बीते दिन शहरी विकास और नगर निगम की बैठक में निर्देश जारी कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि समिति इस मामले में प्रदेश सरकार को अपनी सिफारिशें देने से पूर्व विभिन्न हितधारकों के सुझावों की समीक्षा करेगी। उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल द्वारा इन सिफारिशों का गहनता से मूल्यांकन करने के उपरांत ही अन्तिम फैसला लिया जाएगा।