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यूपी विधानसभा उपचुनाव को लेकर गरमाई सियासत, अखिलेश के गढ़ में बसपा बना रही जीत की रणनीति

उत्तर प्रदेश में विधानसभा उपचुनाव को लेकर सियासत तेज हो गई है। बसपा लोकसभा चुनाव में मिली हार के बाद करहल विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव की तैयारी में जुट गई है। पार्टी ने कैडर वोट बैंक को मनाने और रिझाने के प्रयास तेज कर दिए हैं। साथ ही पार्टी करहल के कार्यकर्ताओं से राय लेने की भी तैयारी कर रही है। 

मैनपुरी। लोकसभा चुनाव में पराजय पर मंथन के बाद बसपा करहल विधानसभा सीट पर होने वाले उप चुनाव की तैयारी में जुट गई है। पार्टी ने कैडर वोट बैंक को मनाने और रिझाने के प्रयास तेज कर दिए हैं। साथ में पार्टी करहल के कार्यकर्ताओं से राय लेने की भी तैयारी कर रही है।

करहल विधानसभा सीट पर उप चुनाव की तिथि तो तय नहीं हुई है, लेकिन बसपा ने अपनी तैयारी तेज कर दी है। मैनपुरी संसदीय सीट से बसपा प्रत्याशी शिवप्रसाद यादव को लोकसभा चुनाव में 66814 वोट ही मिले थे।

जिले में पार्टी तीसरे स्थान पर रही। स्वयं पार्टी प्रमुख मायावती ने जिले के पदाधिकारियों को लखनऊ बुलाकर हार की समीक्षा की थी। इससे पहले वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में भी पार्टी करहल सीट पर पार्टी का प्रदर्शन कमजोर रहा था। अब उप चुनाव को लेकर दोबारा पार्टी सक्रिय हो गई है।

उपचुनाव को लेकर हुई चर्चा

दीवानी परिसर में एड. मान सिंह सुमन के बस्ते पर गुरुवार काे हुई बैठक में उप चुनाव को लेकर चर्चा की गई। आगरा मंडल प्रभारी सुनील वर्मा ने कहा कि सबसे पहले हमें कैडर वोटरों तक पहुंचकर पार्टी की नीति पर विमर्श करना होगा।

लोकसभा चुनाव में कम समय के कारण पदाधिकारियों तक न पहुंच पाना भी पराजय का कारण रहा। इस बार करहल विधानसभा क्षेत्र में पार्टी के प्रत्येक कार्यकर्ता से वार्ता कर उनकी भी राय ली जाएगी। जिलाध्यक्ष प्रेमचंद्र शाक्य ने कहा कि प्रदेश नेतृत्व द्वारा जो दायित्व सौंपे गए हैं, उनके अनुसार सभी कमेटियों को सक्रिय कर चुनाव की तैयारी में जुटना होगा।

बैठक में संजय सिंह, नरेंद्र सिंह एड., राजेश जाटव, उपदेश कठेरिया, भोले कश्यप, सुभाष एड., सुरजीत सिंह एड. आदि मौजूद रहे।

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