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शासन से मंजूरी मिलने के बाद यीडा YEIDA नेप्रस्ताव तैयार करना शुरू कर दिया है। यीडा ने तकरीबन 6000 हेक्टेयर जमीन अधिगृहीत करने का फैसला किया था। यह जमीन करीब 40 गांवों की है। वहीं यमुना प्राधिकरण को हुडको से दस हजार करोड़ का ऋण मिलेगा। पढ़िए आखिर यीडा ने क्या-क्या तैयारी शुरू की है ?

 ग्रेटर नोएडा:- यमुना प्राधिकरण जमीन अधिग्रहण के लिए जिला प्रशासन को प्रस्ताव भेजेगा। शासन से जिले में जमीन अधिग्रहण की अधिकतम सीमा पांच प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत होने के बाद प्राधिकरण ने प्रस्ताव तैयार करना शुरू कर दिया है।

प्राधिकरण करीब छह हजार हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण करेगा। इसे अगले पांच साल के लिए लैंड बैंक के तौर पर उपयोग किया जाएगा। यीडा ने 40 गांव की तकरीबन 6000 हेक्टेयर जमीन अधिगृहीत करने का फैसला किया था, लेकिन जिले में संचित क्षेत्र का अधिकतम पांच प्रतिशत जमीन अधिग्रहण की सीमा पहले ही पूरी होने के कारण यीडा अपने फैसले पर आगे नहीं बढ़ सका।

YEIDA ने प्रस्ताव तैयार करना शुरू किया

जिला प्रशासन की ओर से जिले में महत्वपूर्ण विकास के मद्देनजर शासन को प्रस्ताव भेजकर अधिग्रहण की अधिकतम सीमा को बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने का आग्रह किया गया था। शासन इस प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए अपनी मंजूरी दे चुका है। यीडा ने प्रस्ताव तैयार करना शुरू कर दिया है।

प्राधिकरण को हुडको से मिलेगा 10 हजार करोड़ का ऋण

जमीन अधिग्रहण के लिए प्रदेश सरकार ने यीडा (YEIDA) को तीन हजार करोड़ रुपये ब्याज मुक्त ऋण दिया है। यीडा को इसके बराबर राशि अपने संसाधन से जुटानी है। इसके लिए यीडा ने पिछले दिनों आवासीय एवं शहरी विकास निगम के साथ अनुबंध किया है। हुडको से प्राधिकरण को दस हजार करोड़ का ऋण मिलेगा। यह राशि जमीन अधिग्रहण के अलावा प्राधिकरण की अन्य विकास परियोजना के लिए खर्च होगी।

प्राधिकरण सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह का कहना है कि शासन ने जिले में जमीन अधिग्रहण की सीमा को बढ़ा दिया है। यमुना प्राधिकरण को अपनी विकास परियोजना के लिए जमीन अधिग्रहण करने में आसानी होगी। जमीन अधिग्रहण के कुछ प्रस्ताव पूर्व में जिला प्रशासन को भेजे गए थे, कुछ नए प्रस्ताव तैयार किए जा रहे हैं। उन्हें भी जल्द जिला प्रशासन को भेजकर जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया को शुरू कराया जाएगा।