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गौतमबुद्ध नगर में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। 11वीं के छात्र ने मूवी देखकर खुद का किडनैप कराया। इसके बाद अपने घर वालों को मैसेज भेजकर 10 लाख रुपये डिमांड की। साथ ही मैसेज भेजा कि अगर रुपये नहीं दिए तो बेटे को जान से मार देंगे। इस दौरान छात्र ने पुलिस के भी पसीने छुड़ाए। जानिए आखिर पूरा मामला क्या है?

दनकौर (गौतमबुद्ध नगर)। उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर में दनकौर कोतवाली पुलिस ने एक लापता छात्र को तलाशने में कामयाबी हासिल की है। छात्र को राजस्थान से बरामद किया गया है। छात्र ने गुमराह मूवी देखकर अपने ही अपहरण की ऐसी कहानी रची गई कि इसका पर्दाफाश करने में पुलिसकर्मियों के भी पसीने छूट गए।

वहीं, छात्र के शकुशल बरामद हो जाने के बाद उसके स्वजन व अन्य ग्रामीणों ने पुलिस टीम का फूलमाला पहनकर आभार व्यक्त किया।

दरअसल, रबूपुरा कोतवाली क्षेत्र के एक गांव का रहने वाला 15 वर्षीय किशोर दनकौर कस्बा के बिहारी लाल इंटर कॉलेज में 11वीं कक्षा का छात्र है। वह दो भाइयों में सबसे छोटा है, जिसके पिता करीब 12 वर्ष से लापता हैं। रोजाना की तरह वह बुधवार को कॉलेज गया, लेकिन देर शाम तक वापस नहीं लौटा।

इसके बाद परिजनों ने रात होने पर उसकी सभी जगहों पर तलाश की गई, लेकिन कोई सुराग नही लगा। छात्र द्वारा अपने ही अपहरण की साजिश रच कर अपहरणकर्ता के रूप में सोशल मीडिया के एक प्लेटफार्म पर स्वजनों से पहले 50 हजार रुपये और बाद में 10 लाख रुपये की मांग कर डाली। साथ ही रुपये नहीं देने पर स्वयं की ही हत्या की चेतावनी भी दे डाली।

परिजनों से ऑनलाइन लिए पांच हजार रुपये

आरोपित द्वारा मोबाइल पर आवाज बदलने वाले एक एप्लिकेशन का प्रयोग कर लगातार धमकी भरे वाइस मैसेज भेजे। सूचना मिलने के बाद पुलिस उसे तलाशते हुए दिल्ली जा पहुंची, लेकिन उसे इसकी भनक लग गई। इसके बाद आरोपित छात्र राजस्थान के जयपुर पहुंच गया। साथ ही अपने स्वजनों को डरा धमकाकर पांच हजार रुपये भी ऑनलाइन ले लिए।

पुलिस को चकमा देता रहा छात्र

इस मामले की गंभीरता को देखते हुए कोतवाली प्रभारी मुनेंद्र सिंह द्वारा दनकौर कस्बा चौकी प्रभारी आशीष यादव के नेतृत्व में दो टीमों का गठन किया गया। दोनों ही टीमें राजस्थान पहुंच गईं, लेकिन आरोपित छात्र काफी देर तक पुलिस को चकमा देता रहा। हालांकि, सर्विलांस का प्रयोग कर छात्र को शकुशल बरामद कर लिया गया।

वहीं, पूछताछ में छात्र ने बताया कि उसने गुमराह मूवी देखकर अपने ही अपहरण की साजिश रची। उसने बताया कि वह रुपये कमाने के लिए पहले दिल्ली गया, लेकिन किसी ने नौकरी नहीं दी। इसके बाद राजस्थान पहुंच कर नौकरी की तलाश की, लेकिन वहां भी असफल रहा।

पुलिस का फूलमाला पहना कर किया आभार व्यक्त

इसके बाद रुपये लेने के लिए अपने ही अपहरण की साजिश रच डाली। दनकौर पुलिस का आभार व्यक्त करते हुए छात्र के स्वजन व अन्य ग्रामीणों द्वारा तलाशने वाली टीम को फूलमाला पहना कर उनका आभार व्यक्त किया। कोतवाली प्रभारी मुनेंद्र सिंह ने बताया कि लापता किशोर को स्वजनों के सुपुर्द कर दिया गया है।

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