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गैरकानूनी मतांतरण के मामले में दोषी मौलाना कलीम सिद्दीकी जमानत पर छूटने के बाद लगातार सोशल मीडिया पर सक्रिय था। उसने अपने स्वजन और समर्थकों के लिए सजा सुनाए जाने से पहले एक ऑडियो संदेश भेजा था। संदेश में कलीम ने कहा था कि निराश मत होना। मतांतरण गिरोह संचालित करने के मामले में मौलाना समेत 12 दोषियों को कोर्ट ने 11 सितंबर को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।

मुजफ्फरनगर। गैरकानूनी रूप से मतांतरण का दोषी मौलाना कलीम सिद्दीकी जमानत पर छूटने के बाद निरंतर इंटरनेट मीडिया पर सक्रिय था। उसने इंटरनेट मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म पर मजलिस के माध्यम से युवाओं और मुस्लिम धर्म के बारे में बखान करता था।

मौलाना ने एटीएस-एनआइए कोर्ट में सजा सुनाए जाने से पहले भी अपने स्वजन और समर्थकों के लिए एक आडियो संदेश भेजा था। संदेश में कलीम ने साफ कहा कि ना उम्मीद मत होना।

देश के विभिन्न राज्यों में अवैध रूप से मतांतरण का गिरोह संचालित करने के मामले में मौलाना समेत 12 दोषियों को कोर्ट ने 11 सितंबर को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। एटीएस-एनआइए की जांच में मिले साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने सजा सुनाई।

कोर्ट द्वारा दोषी ठहराए जाने से पहले वह जमानत पर बाहर था। जमानत अवधि में मौलाना ने अपने सहयोगियों के बलबूते मजलिसों का दौर शुरू किया। मदरसों में मजलिस के अलावा वह इंटरनेट मीडिया के प्लेटफार्म पर अपना बखान करता रहा।

पिछले सात माह का रिकार्ड देखा जाए तो मौलाना निरंतर यू-ट्यूब, इंस्टाग्राम, फेसबुक आदि पर सक्रिय था। आखिरी मजलिस दिल्ली से आठ सितंबर की बताई गई है। वहीं, एटीएस-एनआइए की कोर्ट में सजा सुनाए जाने से पहले मौलाना ने अपने स्वजन, समर्थकों के लिए आडियो संदेश जारी किया।

बताया कि उसने अपनी पत्नी मुनीरा से भी बात की थी। मौलाना के इंटरनेट मीडिया अकाउंट की कुंडली खंगाली जा सकती है। जिसमें उसके द्वारा किए गए बयान आदि को परखा जा सकता है।

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