Noida News: ट्रैफिक पुलिस ने रक्षाबंधन पर महिलाओं का नहीं किया चालान, बहनों को पहनाया हेलमेट
नोएडा में रक्षाबंधन पर ट्रैफिक पुलिस ने एक अनूठी पहल की। सड़क हादसों को रोकने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने शहर के प्रमुख चौराहों और बस अड्डों पर विशेष चेकिंग अभियान चलाया। दोपहिया सवार महिलाओं को रोककर वाहन का चालान करने के बजाए उन्हें हेलमेट देकर सड़क सुरक्षा के महत्व के बारे में जागरूक किया। रक्षाबंधन पर उपहार में हेलमेट पाकर महिलाओं के चेहरे खिल उठे।
नोएडा। रक्षाबंधन पर सोमवार को नोएडा ट्रैफिक पुलिस ने एक अनूठी पहल की। सड़क हादसों को रोकने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने शहर के प्रमुख चौराहों और बस अड्डों पर विशेष चेकिंग अभियान चलाया। दोपहिया सवार महिलाओं को रोककर वाहन का चालान करने के बजाए उन्हें हेलमेट देकर सड़क सुरक्षा के महत्व के बारे में जागरूक किया। ट्रैफिक पुलिस से रक्षा बंधन पर उपहार में हेलमेट पाकर महिलाओं के चेहरे खिल उठे।
उन्होंने ट्रैफिक पुलिस का धन्यवाद कर भविष्य में दोपहिया से यात्रा के दौरान हेलमेट पहने का भरोसा दिया। पहल की लोगों ने सराहना की करके एक सकारात्मक कदम बताया। ट्रैफिक पुलिस का कहना है कि ऐसे अभियान भविष्य में भी चलाए जाएंगे जिससे सड़क पर होने वाले हादसों में कमी लाई जा सके।
बहनों को उपहार देते हुए नो चालान-डे मनाया
डीसीपी ट्रैफिक यमुना प्रसाद का कहना है कि पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह के निर्देश पर रक्षा बंधन पर सभी बहनों को उपहार देते हुए नो चालान-डे मनाया। जिले के 11 चौराहों पर रक्षा बंधन के दिन अभियान चलाकर एक हजार से अधिक महिलाओं को हेलमेट वितरित किए गए। सेक्टर-37, सेक्टर-62, परी चौक सहित अन्य चौराहों पर अभियान चलाया गया।
राखी बांधने के लिए जा रही महिलाओं को हेलमेट वितरित
अभियान के दौरान पति, बहन, स्वजन, रिश्तेदारों के साथ दोपहिया पर पीछे बैठकर भाई को राखी बांधने के लिए जा रही महिलाओं का चालान करने के बजाए उन्हें हेलमेट वितरित कर यातायात नियमों का पालन करने की सीख दी। स्वयं स्कूटी चलकर भाईयों को राखी बांधने के लिए जा रही महिलाओं को भी हेलमेट वितरित किए गए। सभी बहनों को समझाया गया कि सड़क दुर्घटनाओं से जीवन रक्षा हेतु हेलमेट अवश्य पहने।
अपने भाई व परिवार के सदस्यों को भी बिना हेलमेट के वाहन नहीं चलाने दे। जिससे उनका जीवन सुरक्षित रहे। रक्षा बंधन के दिन जिन दोपहिया वाहनों में महिलाएं सवार रहीं। उन वाहनों के चालान नहीं किए गए। उनको यातायात नियमों के बारे में जागरूक करते हुए नियमों का पालन करने हेतु प्रेरित किया गया। किसी भी महिला को वाहन चेकिंग के नाम परेशान नहीं किया गया। उन्हें हेलमेट पहनने के फायदे गिनाए जा सके।
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