केन-बेतवा लिंक परियोजना में दो नए बैराज बनाएगी योगी सरकार, 300 साल पुराने बरुआ सागर बांध का होगा जीर्णोद्धार और पुनर्निर्माण
यूपी की योगी सरकार केन-बेतवा लिंक परियोजना को मूर्त रूप देने में जुट गई है। प्रदेश में 21 किमी के लिंक चैनल का निर्माण होना है जिसके लिए 271 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित होगी। वर्तमान में केन नहर प्रणाली से बांदा में 87 हजार हेक्टेयर से अधिक भूमि सिंचित है। योगी सरकार इसे बढ़ाकर बांदा में ही करीब दो लाख हेक्टेयर करने की तैयारी में है।
लखनऊ। बुंदेलखंड को सूखामुक्त और समृद्ध बनाने के लिए योगी सरकार केन-बेतवा लिंक परियोजना को मूर्त रूप देने में जुट गई है। इस परियोजना से करीब ढाई लाख हेक्टेयर से अधिक भूमि को सिंचित किया जा सकेगा। इसमें महोबा, झांसी और ललितपुर में हजारों हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि सिंचित की जा सकेगी।
इसके अलावा बांदा में करीब दो लाख हेक्टेयर भूमि को सिंचित होने से किसान खुशहाल होंगे। परियोजना के तहत बांदा और पैलानी में केन नदी पर दो नए बैराज बन रहे हैं। 300 साल से भी ज्यादा पुराने बरुआ सागर बांध का जीर्णोद्धार और पुनर्निर्माण होगा।
परियोजना को 2030 तक पूरा करने का लक्ष्य
केन-बेतवा लिंक परियोजना को वर्ष 2030 तक पूरा करने का लक्ष्य है। इसके तहत उत्तर प्रदेश में 21 किमी के लिंक चैनल का निर्माण होना है, जिसके लिए 271 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित होगी। वर्तमान में केन नहर प्रणाली से बांदा में 87 हजार हेक्टेयर से अधिक भूमि सिंचित है। योगी सरकार इसे बढ़ाकर बांदा में ही करीब दो लाख हेक्टेयर करने की तैयारी में है।
केन नदी पर बनाए जाएंगे दो नए बैराज
इसके अलावा महोबा में 37 हजार हेक्टेयर से अधिक, झांसी में 17 हजार हेक्टेयर से अधिक और ललितपुर में तीन हजार हेक्टेयर से अधिक अतिरिक्त भूमि को सिंचित बनाने का लक्ष्य है। योगी सरकार महोबा में 510 करोड़ रुपये की लागत से 15 बांध और बड़े तालाबों के जीर्णोद्धार व केन बेतवा लिंक नहर से इनके भराव का प्रोजेक्ट भी आगे बढ़ा रही है। ये प्रोजेक्ट जून 2025 से शुरू होगा, जिसे मार्च 2028 तक पूरा करना है। वहीं, केन नदी पर दो नए बैराज बांदा और पैलानी में बनाए जाएंगे। करीब दो हजार करोड़ की लागत वाला यह प्रोजेक्ट अक्टूबर 2025 से शुरू हो जाएगा, जिसे जून 2029 तक पूरा करने का लक्ष्य है।
योगी सरकार बुंदेलखंड के बरियापुर पिकअप वियर, पारीक्षा वियर और बरुआ सागर बांद का भी जीर्णोद्धार व पुनर्निर्माण कराने जा रही है। बरियापुर वियर का निर्माण 1906 में हुआ था, जबकि पारीक्षा वियर को 1910 में बनाया गया था। वहीं, झांसी में बरुआ सागर बांध का निर्माण सन 1700 में हुआ था। तीनों के जीर्णोद्धार और पुनर्निमाण के लिए सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग को डीपीआर बनाने के लिए अधिकृत किया गया है।
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