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यमुना प्राधिकरण की आवासीय भूखंड योजना समाप्त होने में एक दिन शेष है। योजना शुक्रवार को समाप्त होने जा रही है लेकिन पंजीकरण राशि के लिए सीमित पेमेंट गेटवे के कारण कई लोगों को योजना में आवेदन करने के लिए परेशानी का सामना करना पड़ा है। बैंक में खाता होने के बावजूद लोग पंजीकरण राशि ऑनलाइन प्राधिकरण के खाते में ट्रांसफर नहीं कर पाए हैं।

 ग्रेटर नोएडा। यमुना प्राधिकरण की आवासीय भूखंड योजना समाप्त होने में एक दिन शेष है। योजना शुक्रवार को समाप्त होने जा रही है, लेकिन पंजीकरण राशि के लिए सीमित पेमेंट गेटवे के कारण कई लोगों को योजना में आवेदन करने के लिए परेशानी का सामना करना पड़ा है।

बैंक में खाता होने के बावजूद लोग पंजीकरण राशि ऑनलाइन प्राधिकरण के खाते में ट्रांसफर नहीं कर पाए हैं। इसकी वजह से कई लोग योजना में आवेदन करने से वंचित हैं। आवेदन के लिए महज एक दिन का समय शेष होने से लोगों में निराशा है

यमुना प्राधिकरण ने पांच जुलाई को 361 आवासीय भूखंडों की योजना निकाली थी। इस योजना में आवेदन के लिए पांच अगस्त तक की समय सीमा तय थी, लेकिन आवेदकों की मांग पर प्राधिकरण ने इसे 23 अगस्त तक बढ़ा दिया था, इसके बावजूद कई लोग आवेदन नहीं कर पा रहे हैं। इसकी वजह दस प्रतिशत पंजीकरण राशि जमा कराने में आ रही अड़चन है।

प्राधिकरण ने योजना में ऑनलाइन आवेदन के साथ ऑनलाइन पंजीकरण राशि जमा कराने का विकल्प दिया है। लेकिन कई बैंक ऐसे हैं, जो पेमेंट गेटवे से लिंक नहीं होने के कारण आवेदक के खाते से पंजीकरण राशि प्राधिकरण के खाते में ट्रांसफर नहीं हो पा रही है। प्राधिकरण का खाता 12 बैंक से ही लिंक है।

इसमें एक्सिस बैंक, बैंक ऑफ बड़ोदा, बैंक आफ महाराष्ट्र, कैनरा बैंक, एचडीएफसी बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक, आईडीएफसी बैंक, इंडियन बैंक, इंडसइंड बैंक, आइडीबीआइ बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, एसबीआई, यूनियन बैंक, यश बैंक शामिल हैं।

इनके अतिरिक्त अन्य बैंकों के खाता धारक प्राधिकरण के खाते में ऑनलाइन पंजीकरण राशि का भुगतान नहीं कर पा रहे हैं। मुकेश तिवारी ने बताया कि उन्होंने प्राधिकरण की आवासीय योजना में 120 वर्गमीटर के भूखंड के लिए आवेदन किया है, पंजाब एंड सिंध बैंक में खाता है, इस खाते से प्राधिकरण के खाते में पंजीकरण राशि ट्रांसफर न होने के कारण

पत्नी के नाम पर दूसरा आवेदन भरना पड़ा है। प्रदीप कुमार कहना है कि उनका खाता पंजाब नेशनल बैंक में है। यीडा की भूखंड योजना में ऑनलाइन पंजीकरण राशि ट्रांसफर नहीं हुई। कई बार प्रयास किया, हर बार राशि ट्रांसफर में एरर का संदेश आया।

योजना में आवेदन न करने का फैसला करना पड़ा। भूखंड पाने का मौका हाथ से निकल गया। सीईओ यीडा डा. अरुणवीर सिंह का कहना है कि पेमेंट गेटवे से लिंक के लिए बैंकों के साथ बैठक की गई थी। कई बैंकों ने इसमें रुचि नहीं दिखाई। जिन बैंक के पेमेंट गेटवे लिंक है, पंजीकरण राशि ट्रांसफर में कोई अड़चन नहीं है।

योजना में हो चुके डेढ़ लाख आवेदन

आवासीय भूखंड योजना में 361 भूखंडों के सापेक्ष पंजीकरण राशि के साथ 150466 आवेदन हो चुके हैं। जबकि 218986 लोगों ने आवेदन फार्म खरीदा है। आवेदन करने वालों की संख्या शुक्रवार तक और बढ़ जाएगी। दस अक्टूबर को योजना का ड्रा प्रस्तावित है।