Skip to main content

फैसला टल गया। अब पांच अक्टूबर को कोर्ट इस मामले में अपना फैसला सुनाएगा। जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव के प्रचार-प्रसार के लिए इंजीनियर रशीद 2 अक्टूबर तक बाहर रहेगा। इसके बाद 3 अक्टूबर को उसे फिर से सरेंडर करना होगा।

श्रीनगर। कश्मीर की बारामूला सीट से सांसद इंजीनियर रशीद को अंतरिम जमानत मिल गई है। वह आज दिल्ली की तिहाड़ जेल से बाहर आया। जेल से बाहर आते बारामूला सांसद ने कहा कि मैं अपने लोगों को निराश नहीं करूंगा। मैं प्रतिज्ञा करता हूं कि मैं पीएम मोदी के 'नया कश्मीर' के नैरेटिव से लड़ूंगा, जो जम्मू-कश्मीर में पूरी तरह से विफल हो गया है।

उसने 5 अगस्त, 2019 को अनुच्छेद 370 के निरस्त करने के फैसले का जिक्र करते हुए कहा कि पीएम मोदी ने जो कुछ भी किया, लोगों ने उसे खारिज कर दिया है।

मंगलवार को अदालत ने इंजीनियर रशीद को जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव 2024 में प्रचार-प्रसार के लिए 2 अक्टूबर तक के लिए अंतरिम जमानत पर रिहा करने का फैसला सुनाया था।

3 अक्टूबर को करना होगा सरेंडर

जम्मू-कश्मीर के बारामूला सीट से सासंद इंजीनियर रशीद (Engineer Rashid Interim Bail) को मंगलवार को दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट ने 2 लाख के निजी मुचलके पर जमानत दी थी। 3 अक्टूबर को इंजीनियर रशीद को आत्मसमर्पण करना होगा।

बता दें कि कोर्ट ने जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव 2024 में अवामी इतिहाद पार्टी (एआईपी) के उम्मीदवारों के प्रचार-प्रचार के लिए इंजीनियर रशीद को अंतरिम जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया था।

आतंकी फंडिंग से जुड़े मामले में है बंद

इंजीनियर रशीद पिछले पांच सालों से दिल्ली के तिहाड़ जेल में बंद है। उसको साल 2019 में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने आंतकी फंडिंग से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया था। जिसके बाद उसके खिलाफ गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम यानी UAPA के तहत केस दर्ज किया गया था।

इसी मामले में इंजीनियर रशीद पिछले पांच सालों से दिल्ली के तिहाड़ जेल में बंद है। हालांकि, अब उसे विधानसभा चुनाव प्रचार के लिए अंतरिम जमानत पर रिहा किया गया है।

नियमित जमानत को लेकर रशीद को राहत नहीं

वहीं दूसरी ओर रशीद शेख उर्फ इंजीनियर रशीद की नियमित जमानत पर पटियाला हाउस की विशेष एनआईए अदालत ने अपना फैसला टाल दिया है। अब पांच अक्टूबर को इस मामले को लेकर फैसला सुनाया जाएगा।

गौरतलब हो कि आतंकी फंडिंग मामले को लेकर इंजीनियर रशीद के अलावा एनआईए ने कश्मीरी अलगाववादी नेता यासीन मलिक, लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक हाफिज सईद और हिजबुल मुजाहिदीन के प्रमुख सैयद सलाहुद्दीन समेत कई लोगों के खिलाफ चार्जशीट दायर की थी।यासीन मलिक इस मामले में दोषी पाया गया, जिसके बाद 2022 में ट्रायल कोर्ट ने उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।