अनन्य पाण्डे गंभीर मुद्दों से अलग रहती हैं लेकिन एक हालिया इंटरव्यू में अभिनेत्री ने पॉलिटिक्स और मीटू मूवमेंट को लेकर बात की है। ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज हुई कॉल मी को लेकर चर्चा बटोर रहीं अनन्या ने खुलासा किया है कि वह आखिर क्यों खुद को इंडस्ट्री में बेबस मानती हैं। जानिए इस बारे में।
सिनेमा जगत में बहुत कम सितारे हैं, जो बेझिझक होकर गंभीर मुद्दों पर राय देते हैं। वहीं, कुछ सितारों को मीटू समेत कई मुद्दों पर बात न करने की सलाह मिलती है। कुछ ऐसा ही अनन्या पांडे के साथ भी है। हाल ही में, एक्ट्रेस ने खुलासा किया है कि उन्हें ज्यादा पॉलिटिकल न होने की सलाह दी जाती है।
अनन्या पांडे ने साल 2019 में से बॉलीवुड में कदम रखा था। पांच साल के करियर में अनन्या ने कई फिल्मों में काम किया है और वह इन दिनों वुमन ओरिएंटेड सीरीज कॉल मी बे में नजर आ रही हैं। एक हालिया इवेंट में अनन्या ने महिला सुरक्षा से लेकर मीटू मूवमेंट के बारे में खुलकर अपनी राय रखी है।
खुद को बेबस मानती हैं अनन्या पांडे
इंडिया टुडे माइन्ड रॉक्स यूथ समिट में अनन्या पांडे ने बताया कि वह गंभीर मुद्दों पर बात करना चाहती हैं, लेकिन बोल नहीं पाती हैं। उन्हें इन मुद्दों पर ज्यादा न बोलने की सलाह दी जाती है। वह खुद को बहुत बेबस मानती हैं। एक्ट्रेस ने कहा, "महान शक्ति बड़ी जिम्मेदारी के साथ आती है। मेरे लिए अपनी आवाज का सही ढंग से इस्तेमाल करना बहुत जरूरी है। कभी-कभी बतौर अभिनेत्री मैं थोड़ा बेबस महसूस करती हूं क्योंकि लोग कहते हैं 'बहुत ज्यादा पॉलिटिकल मत बनो या ऐसा मत कहो'।"
काम से देती हैं जवाब
एक्ट्रेस ने कहा, "मुझे एहसास हुआ है कि जब मैं काम करती हूं तो यह मेरी नैतिक और सामाजिक मान्यताओं के साथ जुड़ता है। मैं स्पॉइलर नहीं देना चाहती, लेकिन कॉल मी बे में महिलाओं, महिला सशक्तिकरण और मीटू मुद्दे के दिखाता है। यह कुछ ऐसा है जिसके बारे में मैं रियल लाइफ कई वजहों से खुलकर बात नहीं कर पाती हूं लेकिन अगर मैं अपने काम के जरिए ऐसा कर पाती हूं तो मुझे लगता है कि इसका भी बड़ा असर होता है।"
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