कृषि विभाग ने खरीफ सीजन के लिए उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता का दावा किया है। कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि प्रदेश में 15.96 लाख टन यूरिया और 5.86 लाख टन फास्फेटिक खाद का स्टॉक है। उन्होंने कालाबाजारी रोकने के निर्देश दिए हैं और किसानों से आवश्यकतानुसार ही उर्वरक खरीदने की अपील की है। किसान टैगिंग की शिकायत कंट्रोल रूम में दर्ज करा सकते हैं।
लखनऊ। खरीफ सीजन में किसानों को खाद की किल्लत की समस्या का सामना शायद न करना पड़े। कृषि विभाग ने उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता का दावा किया है। कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा है कि प्रदेश में खरीफ के लिए 15.96 लाख टन यू्रिया और 5.86 लाख टन फास्फेटिक (डएपी-एनपीके) खाद का स्टाक है।
उन्होंने सभी डीएम को उर्वरकों की कालाबाजारी रोकने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए अंतरराष्ट्रीय और अंतरराज्यीय सीमावर्ती जिलों में आपूर्ति की निगरानी भी की जा रही है।
कृषि मंत्री ने कहा है कि प्रदेश सरकार किसानों को उनकी आवश्यकता के अनुसार उर्वरकों की निर्बाध आपूर्ति के लिए प्रतिबद्ध है। उर्वरकों की कालाबाजारी, ओवर रेटिंग, टैगिंग और अवैध उपयोग पर सख्त निगरानी की जा रही है। डीएम को कालाबाजारी और टीजीयू (टेक्निकल ग्रेड यूरिया) का दुरुपयोग रोकने केा लगातार छापेमारी के निर्देश दिए गए हैं।
अनुदानित नीम कोटेड यूरिया के दुरुपयोग पर प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी। यदि किसी उर्वरक विक्रेता द्वारा मुख्य उर्वरक के साथ अन्य उत्पादों की जबरन टैगिंग की जाती है तो किसान, जिले के कंट्रोल रूम में या किसान मुख्यालय स्थित उर्वरक नियंत्रण कक्ष (फोन नं. 0522-2209650) में शिकायत दर्ज कराएं।
वर्तमान में भारत यूरिया या भारत डीएपी जैसे नामों से अलग-अलग कंपनियों के उत्पाद उपलब्ध हैं, जिनकी गुणवत्ता समान है। ऐसे में किसान किसी एक ब्रांड को लेकर भ्रमित न हों। किसानों से केवल वर्तमान में फसलों की आवश्यकता के लिए ही उर्वरक क्रय करने की अपील भी की गई है।
उर्वरक की उपलब्धता (टन में)
मंडलयूरिया (टन में)फास्फेटिक (टन में)
सहारनपुर
24,453
11,487
मेरठ
74,744
24,264
आगरा
97,102
23,896
अलीगढ़
95,189
28,405
बरेली
1,28,030
48,277
मुरादाबाद
94,602
43,886
कानपुर
1,27,581
56,856
प्रयागराज
1,26,017
50,708
झांसी
22,884
22,957
चित्रकूटधाम(बांदा)
23,934
8,863
वाराणसी
93,618
32,843
मीरजापुर
33,299
19,910
आजमगढ़
78,788
28,546
गोरखपुर
1,05,728
34,434
बस्ती
81,647
16,648
देवीपाटन(गोंडा)
87,113
24,727
लखनऊ
1,75,383
67,398
अयोध्या
1,26,336
42,175
कुल
15,96,446
5,86,278
अनुदानित नीम कोटेड यूरिया के दुरुपयोग पर प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी। यदि किसी उर्वरक विक्रेता द्वारा मुख्य उर्वरक के साथ अन्य उत्पादों की जबरन टैगिंग की जाती है तो किसान, जिले के कंट्रोल रूम में या किसान मुख्यालय स्थित उर्वरक नियंत्रण कक्ष (फोन नं. 0522-2209650) में शिकायत दर्ज कराएं।
वर्तमान में भारत यूरिया या भारत डीएपी जैसे नामों से अलग-अलग कंपनियों के उत्पाद उपलब्ध हैं, जिनकी गुणवत्ता समान है। ऐसे में किसान किसी एक ब्रांड को लेकर भ्रमित न हों। किसानों से केवल वर्तमान में फसलों की आवश्यकता के लिए ही उर्वरक क्रय करने की अपील भी की गई है।
उर्वरक की उपलब्धता (टन में)
मंडलयूरिया (टन में)फास्फेटिक (टन में)
सहारनपुर
24,453
11,487
मेरठ
74,744
24,264
आगरा
97,102
23,896
अलीगढ़
95,189
28,405
बरेली
1,28,030
48,277
मुरादाबाद
94,602
43,886
कानपुर
1,27,581
56,856
प्रयागराज
1,26,017
50,708
झांसी
22,884
22,957
चित्रकूटधाम(बांदा)
23,934
8,863
वाराणसी
93,618
32,843
मीरजापुर
33,299
19,910
आजमगढ़
78,788
28,546
गोरखपुर
1,05,728
34,434
बस्ती
81,647
16,648
देवीपाटन(गोंडा)
87,113
24,727
लखनऊ
1,75,383
67,398
अयोध्या
1,26,336
42,175
कुल
15,96,446
5,86,278
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