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जौनपुर अनुराग हत्याकांड में सनसनीखेज मोड़: ग्राम प्रधान पति समेत 9 पर 1 करोड़ की लूट का मुकदमा, प्रधान बोले- 'फर्जी है आरोप'

​जौनपुर जिले के कबरुद्दीनपुर गांव में पिछले साल 30 नवंबर 2024 को हुई अनुराग यादव की हत्या के मामले ने अब एक नया और पेचीदा रूप ले लिया है। हत्या के मुख्य मामले के अलावा, अब इस घटना से जुड़े दो पक्षों के बीच कानूनी जंग तेज़ हो गई है।

​मामले के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:

​प्रधान पति और उनके साथियों पर FIR:
कबरुद्दीनपुर के ग्राम प्रधान पति वीरेंद्र यादव समेत 9 लोगों के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। उन पर आरोप है कि उन्होंने जबरन घर तोड़ा, तोड़फोड़ की और लूटपाट की।

​लूट का बड़ा दावा (1 करोड़ से ज्यादा):
दर्ज मुकदमे में आरोप लगाया गया है कि प्रधान और उनके साथियों ने 1 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति हड़पी है। इसमें कीमती गहने, अनाज, पानी का इंजन, गैस सिलेंडर और घर का अन्य कीमती सामान लूटने का आरोप शामिल है।

​विवाद की जड़ (सरकारी जमीन):
यह विवाद तब बढ़ा जब प्रशासन सरकारी जमीन पर बने मकान को गिराने की कार्रवाई कर रहा था। आरोप है कि इस कार्रवाई की आड़ में ही यह लूटपाट और तोड़फोड़ की गई।

​ग्राम प्रधान पति वीरेंद्र यादव का पक्ष (प्रधान ने क्या कहा):
ग्राम प्रधान ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया है।

​साजिश का आरोप: प्रधान पति का कहना है कि यह मुकदमा उन्हें फंसाने और उन पर दबाव डालने के लिए दर्ज कराया गया है।

​पीड़ितों के साथ खड़े होने की सज़ा: उनका कहना है कि वे अनुराग की हत्या के बाद से पीड़ित परिवार का समर्थन कर रहे हैं, इसलिए उन्हें निशाना बनाया जा रहा है।

​सामान पहले ही हटने का दावा: प्रधान पति का आरोप है कि आरोपियों ने अपना कीमती सामान बहुत पहले ही हटा लिया था और अब वे करोड़ों की लूट का झूठा दावा कर रहे हैं।

​आगे की कार्यवाही:
फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि दोनों पक्षों के दावों की निष्पक्ष जांच की जाएगी और साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई होगी। इस मामले का असर आगामी पंचायत चुनावों पर भी पड़ने की संभावना है।

​निष्कर्ष
​अब यह मामला केवल हत्या का न रहकर, सरकारी जमीन विवाद, प्रशासन की कार्रवाई और करोड़ों की लूट के आरोपों में उलझ गया है। सच क्या है, यह तो पुलिस की जांच के बाद ही साफ हो पाएगा।

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