Skip to main content

नैनीताल: चंद्र ग्रहण का अद्भुत नजारा, एरीज से हुई लाइव स्ट्रीमिंग, वैज्ञानिकों ने समझाया रहस्य

उत्तराखण्ड के नैनीताल में चंद्र ग्रहण का लाजवाब दृश्य देखने के लिए खगोल प्रेमियों की भारी भीड़ उमड़ी। जैसे ही आकाश में ग्रहण की झलक दिखाई दी, लोग उत्साह से झूम उठे और इस खगोलीय घटना को अपने कैमरों और दूरबीनों में कैद करने लगे।


नैनीताल की मनोरा पहाड़ी स्थित आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान (ARIES) में इस अवसर पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। संस्थान परिसर में चंद्र ग्रहण की लाइव स्ट्रीमिंग की व्यवस्था की गई थी, ताकि अधिक से अधिक लोग इस दुर्लभ खगोलीय घटना का साक्षी बन सकें।
जानकारी के अनुसार, ग्रहण दोपहर 2:14 बजे से प्रारंभ हुआ, उस समय भारत के आकाश में चंद्रमा क्षितिज के काफी निकट था। भारत सहित उत्तराखंड के अधिकांश क्षेत्रों में यह ग्रहण आंशिक रूप से ही दिखाई दिया।
कार्यक्रम के दौरान वैज्ञानिक डॉ. वीरेंद्र यादव ने ऑनलाइन व्याख्यान के माध्यम से चंद्र ग्रहण की वैज्ञानिक प्रक्रिया को सरल भाषा में समझाया। उन्होंने बताया कि जब पृथ्वी, सूर्य और चंद्रमा एक सीध में आ जाते हैं और पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर पड़ती है, तब चंद्र ग्रहण की स्थिति बनती है।
एरीज परिसर में आमजन के लिए दूरबीन की विशेष व्यवस्था की गई थी, जिससे लोग प्रत्यक्ष रूप से ग्रहण का अवलोकन कर सकें। हालांकि चंद्रोदय समय पर हुआ, लेकिन क्षितिज के समीप हल्के धुंधलके के कारण शुरुआती कुछ समय तक ग्रहण स्पष्ट नहीं दिख पाया। जैसे ही आकाश साफ हुआ और ग्रहण की आकृति नजर आई, वहां मौजूद लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला।
इस अवसर पर एरीज के शोध छात्र महादेव, नवीन, उपासना, अमित, यश, इंटर्नशिप कर रहे छात्र हर्षवर्धन, विवेक तथा जनसंपर्क टीम के कमल सिंह जीना और मोहित सिंह भी उपस्थित रहे।
नैनीताल की वादियों में विज्ञान और खगोल के इस अनूठे संगम ने एक बार फिर साबित कर दिया कि जब जिज्ञासा और ज्ञान साथ चलते हैं, तो आसमान भी करीब नजर आने लगता है।