पटना में मानसून के आते ही सड़कें जर्जर हो गई हैं। लगातार बारिश से सड़कें कीचड़ में तब्दील हो गई हैं। राजीवनगर नाला की सड़क धंस गई, जो नमामि गंगे प्रोजेक्ट के तहत बनी थी। निर्माण एजेंसी की लापरवाही और विभाग की उदासीनता के कारण सड़क की हालत खस्ता है। समय रहते मरम्मत न होने पर स्थिति और बिगड़ सकती है, जिससे लोगों की जान को खतरा हो सकता है।
पटना। मानसून की वर्षा शुरू होते ही शहर की सड़कें जवाब देने लगी हैं। शनिवार को राजधानी में रुक-रुक कर दिनभर वर्षा होती रही। शहर की अधिकांश सड़कें कीचड़ में तब्दील हो गई हैं।
नाला खोदे जाने के कारण सड़कों का धंसना भी शुरू हो गया है। शनिवार की रात राजीवनगर नाले की सड़क धंस गई। इस सड़क पर नमामि गंगे प्रोजेक्ट के तहत काम किया गया था।
निर्माण एजेंसी के द्वारा सड़क की ठीक से मरम्मत नहीं करने के कारण रात में सड़क धंस गई, जिससे राहगीर बाल-बाल बचे। पहले सड़क काफी अच्छी थी, लेकिन जब से नमामि गंगे प्रोजेक्ट के तहत काम शुरू हुआ बदहाली शुरू हो गई।
बुडको की ओर से कराया जा रहा था नमामि गंगे का कार्य
मालूम हो कि नमामि गंगे का कार्य बुडको की ओर से कराया जा रहा था। वर्तमान में इस सड़क को बुडको ने पथ निर्माण विभाग को सौंप दिया है।
पथ निर्माण विभाग भी फिलहाल सड़क को लेकर मौन है। कोई काम नहीं कराया जा रहा है। परिणामस्वरूप सड़क की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। जल्द इसकी मरम्मत नहीं की गई तो आने वाले दिनों में बड़ा हादसा हो सकता है।
बरसात के दिनों में राजीवनगर नाला उफनने लगता है। उस दौरान तो इसकी स्थिति बेहद खराब हो सकती है। समय रहते सावधानी नहीं बरती गई तो लोगों के लिए यह नाला और सड़क जानलेवा साबित हो सकता है।
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