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मेरठ जिला प्रशासन ने जनगणना की तैयारी शुरू कर दी है। एडीएम प्रशासन को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। जनगणना के दौरान लोगों से उनके घरों में कमरों की संख्या परिवार के सदस्यों की संख्या और उनकी जाति के बारे में जानकारी ली जाएगी। यह भी पूछा जाएगा कि उनके घर में पीने के पानी बिजली और शौचालय की क्या व्यवस्था है।

मेरठ। जिला प्रशासन के पास जनगणना का फॉर्म आ गया है। जिला प्रशासन और सांख्यिकी विभाग ने जनगणना कराने की तैयारी भी शुरू करा दी है। इसके लिए एडीएम प्रशासन को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। 

जब पब्लिक से जानकारी ली जाएगी तो उनसे पूछा जाएगा कि आपके घर में कितने कमरे हैं, परिवार में कितने सदस्य हैं? परिवार के सदस्य कहां कहां रहते हैं। राशन कार्ड कितने हैं? घर में एसी है या नहीं? किस तरह का वाहन प्रयोग करते हैं। घर के कितने सदस्य फोन प्रयोग करते हैं? परिवार किस जाति की श्रेणी में आते हैं?

जिला सांख्यिकी अधिकारी अतुल सक्सेना ने बताया कि वैसे तो जनगणना के सभी अधिकार इस बार जिला प्रशासन को दिए गए हैं, जिसके नोडल अधिकारी एडीएम प्रशासन सूर्यकांत त्रिपाठी को बनाया गया है।

सांख्यिकी विभाग केवल जनगणना करने वाले कर्मचारियों की मॉनिटरिंग करेगा। उन्होंने बताया कि जनगणना में अध्यापकों, पटवारी, सचिव और अन्य विभाग के कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाएगी।

गांव गांव में लगाए जा सकते हैं कैंप

जनगणना के दौरान गांव गांव में कैंप भी लगाए जा सकते हैं, जिनमें कर्मचारी रात को रहेंगे। हालांकि अभी शासन ने इसकी अनुमति नहीं दी है। कैंप लगाने से यह फायदा होगा कि एक गांव को रात दिन वहीं रहकर दो दिन में पूरा कर लिया जाएगा।

पीने के पानी और बिजली के साधन एवं शौचालय का भी रहेगा सवाल

जनगणना के दौरान यह भी पूछा जाएगा कि आपके घर में पीने के पानी का क्या साधन है। बिजली आपके घर में कैसे आ रही है। कनेक्शन हैं या फिर सौर ऊर्जा प्लांट लगाया हुआ है। पूछा जाएगा कि घर में शौचालय हैं या नहीं।