प्रयागराज में धर्मांतरण मामले में गिरफ्तार दरकशा और कैफ़ के मोबाइल से डेटा डिलीट मिला। पुलिस ने मोबाइल को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा है ताकि डिलीट हुए डेटा को रिकवर किया जा सके। दरकशा अम्मी के फ़ोन से भी बात करती थी फ़ोन में संदिग्ध नंबर मिले हैं। पुलिस को संदेह है कि आरोपियों ने कई मैसेजिंग एप्स का इस्तेमाल किया। तीसरे आरोपी मो. ताज की तलाश जारी है।
प्रयागराज। केरल में किशोरी का मतांतरण करवाने और आतंकी बनाने की कोशिश के आरोप में गिरफ्तार दरकशा बानो व कैफ ने अपने-अपने मोबाइल से डाटा, चैट डिलीट कर दिया था। दोनों के मोबाइल की प्रारंभिक जांच में इसका पता चला है। अब उनके मोबाइल को फोरेंसिक लैब भेजकर जांच कराई जाएगी।
साथ ही डिलीट किया गया डाटा और चैट को रिकवर कराया जाएगा। इसके बाद घटना के संबंध में नई जानकारी मिल सकती है और गिरोह में शामिल अन्य सदस्यों का भी पता चल सकता है। मंगलवार को फूलपुर पुलिस ने दोनों आरोपितों को कोर्ट में पेश किया और फिर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया।
बताया गया है कि दरकशा बानो अपनी अम्मी के मोबाइल से भी अलग-अलग लोगों से बातचीत करती थी। उसके मोबाइल में कई ऐसे नंबर सेव मिले, जिस पर रोजाना बातचीत होने की हिस्ट्री मिली है। पूछताछ में यह भी पता चला है कि वाट्सएप के अलावा दूसरे मैसेजिंग एप का इस्तेमाल करती थी।
हालांकि मोबाइल से इस तरह के एप गायब थे। इस आधार पर आशंका जताई गई है कि दरकशा के मोबाइल से मैसेज, वीडियो और फोटो भी डिलीट हो सकते हैं। दूसरा आरोपित कैफ जिस तरह से अपने संपर्क में रहने वाले लोगों से इंटरनेट काल पर बात करता था, उसी तरह दरकशा भी करती थी।
फिलहाल पुलिस अब कब्जे में लिए गए दोनों ही आरोपितों के मोबाइल को फोरेंसिक लैब में भेजकर जांच कराने और डाटा रिकवर कराने की कवायद में जुटी हुई है। दो दिन पहले फूलपुर की किशोरी का केरल में जबरन मतांतरण कराने और फिर ट्रेनिंग देकर जिहादी बनाने की कोशिश का मामला उजागर हुआ था।
पीड़िता की मां की तहरीर पर मुकदमा दर्ज करते हुए पुलिस ने दरकशा बानो और कैफ को गिरफ्तार किया। जांच में पता चला कि दोनों ही अभियुक्त देशविरोधी गतिविधि वाले संगठन में शामिल हैं। इसी आधार पर पुलिस तफ्तीश को आगे बढ़ा रही है।
केरल में मो. ताज की चल रही घेरेबंदी-
मुकदमे में नामजद आरोपित मो. ताज की केरल में घेरेबंदी चल रही है। प्रयागराज कमिश्नरेट पुलिस की तीन टीमें उसकी तलाश में जुटी हुई है। बताया गया है कि मो. ताज केरल पहुंचने तक दरकशा से बातचीत करते हुए उसके गाइड कर रहा था। अभियुक्त ताज मूलरूप से फूलपुर का ही रहने वाला है, मगर कई साल से केरल में रह रहा है। वह दरकशा बानो की बहन का देवर है। पुलिस का कहना है कि ताज की गिरफ्तारी पर नेटवर्क में किस तरह के और कितने लोग शामिल हैं। इसका भी पता चलेगा, जिसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सुरक्षा एजेंसियों भी जुटा रही हैं इनपुट-
फूलपुर से एक बार फिर आतंकी कनेक्शन सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियां चौकन्ना हो गई हैं। सोमवार को आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) और दूसरी एजेंसी के अधिकारियों ने दोनों आरोपितों से पूछताछ की थी। इस दौरान कई तरह की जानकारी मिली थी, जिसके आधार पर दिल्ली और केरल से इनपुट जुटाया जा रहा है। दोनों अभियुक्तों के इंटरनेट मीडिया एकाउंट के बारे में पता करते हुए उसके डाटा का विश्लेषण किया जा रहा है, ताकि नए तथ्य मिलते ही आगे की कार्रवाई की जा सके।
जांच में पता चला है कि दोनों ही आरोपितों के मोबाइल से चैट और डाटा डिलीट किया है। उनके मोबाइल को फोरेंसिक लैब भेजकर जांच कराई जाएगी और डाटा भी रिकवर कराया जाएगा। केरल में छिपे तीसरे अभियुक्त की गिरफ्तारी के लिए तीन टीमें काम कर रही हैं। उसके पकड़े जाने पर नए नई जानकारी सामने आ सकती है।
-कुलदीप सिंह गुनावत, डीसीपी गंगानगर
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