'लोकसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर बहस हुई जिसमें विदेश मंत्री एस जयशंकर ने पाकिस्तान को घेरा। उन्होंने सुरक्षा मामलों की कैबिनेट कमेटी की मीटिंग और पाकिस्तानी दूतावास के सदस्यों को पर्सन ऑफ नॉन ग्रेटा घोषित करने जैसे कदमों का उल्लेख किया। जयशंकर ने कहा कि भारत को अपने नागरिकों की रक्षा का अधिकार है और पाकिस्तान का असली चेहरा दुनिया के सामने बेनकाब किया गया।
लोकसभा के मानसून सत्र के दौरान ऑपरेशन सिंदूर को लेकर जमकर बहसबाजी हुई। इस दौरान पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सदन को इस ऑपरेशन के बारे में बताया, फिर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भी पाकिस्तान का धागा खोल दिया।
विदेश मंत्री ने सुरक्षा मामलों की कैबिनेट कमेटी की मीटिंग से लेकर पाकिस्तानी दूतावास के सदस्यों को पर्सन ऑफ नॉन ग्रेटा घोषित किए जाने तक, सरकार के सभी महत्वपूर्ण कदम गिनाए।
लोकसभा में गरजे जयशंकर
उन्होंने कहा कि दूतावासों को ब्रीफिंग देने के साथ ही मीडिया में भी यह जानकारी दी गई है कि भारत को अपने नागरिकों की रक्षा का अधिकार है। जयशंकर ने कहा, "पाकिस्तान सुरक्षा काउंसिल का सदस्य है, हम नहीं हैं। हमने अंतरराष्ट्रीय समुदाय को पाकिस्तान के बारे में बताया।
उन्होंने कहा, "हमारी रेड लाइन पार कर गई, तब हमें सख्त कदम उठाने पड़े। हमने दुनिया के सामने पाकिस्तान का असली चेहरा बेनकाब किया। सिक्योरिटी काउंसिल में पाकिस्तान समेत केवल तीन देशों ने ऑपरेशन सिंदूर का विरोध किया। यूएन के 193 में से तीन सदस्यों ने ही इस ऑपरेशन का विरोध किया।"
'हमने पाकिस्तान को सिखाया सबक'
एस जयशंकर नेकहा कि संयुक्त राष्ट्र ने आतंकी हमले की निंदा की। पाकिस्तान ने TRF का बचाव किया था। 7 मई की सुबह मैसेज दिया गया और पाकिस्तान को सबक सिखाया गया। हमने पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया और हमने पाकिस्तान कड़ा संदेश दिया।
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