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'अयोध्या में दीपोत्सव के नौवें संस्करण में दो नए विश्व रिकॉर्ड बने। राम की पैड़ी पर 26 लाख दीये जलाए गए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत एक रहेगा तो श्रेष्ठ रहेगा। इस अवसर पर लेजर शो, आतिशबाजी और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी हुए। दीपोत्सव एकता और समृद्धि का प्रतीक है।

अयोध्या। दीपोत्सव के नौवें संस्करण में भी विश्व कीर्तिमान बना। रामकी पैड़ी पर 26 लाख 17 हजार 215 प्रज्वलित दीये गिनीज वर्ल्ड रिकार्ड में अंकित हो गए। इसके साक्षी बने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दीपोत्सव को लोक आस्था से भी जोड़ा। कहा, भारत एक रहेगा तो श्रेष्ठ रहेगा, कोई भी आस्था को अपमानित नहीं कर सकेगा और दीपोत्सव होता रहेगा। उन्होंने कहाकि अपने जन्म दिन पर बर्मिंघम से बग्घी मंगाने वाले, समाज को जातियों में बांटने वाले राम को नहीं मानते। वे दीपोत्सव का भी विरोध करते हैं।

वही लोग प्रदेश के खजाने का धन सैफई महोत्सव और कब्रिस्तान की बाउंड्री पर खर्च करते थे, लेकिन दीपोत्सव का विरोध करते हैं, जबकि इन दीयों से कुम्हार समाज के परिवारों को लाभ मिलता है। उन्होंने कहा कि रामद्रोहियों को दीपोत्सव अच्छा लग भी कैसे सकता है।

इससे पहले दीपोत्सव का प्रथम संस्करण ही कीर्तिमान नहीं बन सका था। इसके बाद से लगातार आठ संस्करण गिनीज वर्ल्ड रिकार्ड में अंकित हुए हैं। रविवार को सूर्यास्त के साथ ही रामकी पैड़ी के 56 घाटों पर 28 लाख दीयों को प्रज्वलित करने का क्रम आरंभ हुआ। इसके अलावा, सरयू नदी तट पर 2100 लोगों ने एक साथ आरती करके वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया

इनमें 26 लाख 11 हजार 101 प्रज्वलित दीयों का कीर्तिमान बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, लेकिन रिकॉर्ड में इससे अधिक दीये उत्कीर्ण हुए। दीयों की गणना के लिए गिनीज वर्ल्ड रिकार्ड की टीम पहले ही यहां आ चुकी थी।

गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड के अधिकारी की ओर से कीर्तिमान की अधिकृत घोषणा के बाद प्रदेश के पर्यटन व संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह व पर्यटन विभाग के प्रमुख सचिव अमृत अभिजात ने मुख्यमंत्री को कीर्तिमान का प्रमाणपत्र भेंट किया। इस अवसर पर डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. बिजेंद्र सिंह भी उपस्थित रहे।

अयोध्या दीपोत्सव रिकॉर्ड

वर्षदीपकघाटस्वयंसेवक

2017

187213

09

4000

2018

301152

14

5000

2019

404026

17

7000

2020

606569

24

10000

2021

941551

32

12000

2022

1576955

34

22000

2023

2223000

51

25000

2024

2512000

55

30000

2025

2617215

56

32000

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