महागठबंधन में सीटों के बंटवारे को लेकर दरभंगा की गौड़ाबौराम सीट पर विवाद हो गया था। राजद ने वीआईपी को सीट देने के बाद भी अपना उम्मीदवार खड़ा कर दिया था, जिससे मुकेश सहनी नाराज थे। लालू प्रसाद के हस्तक्षेप के बाद अब यह सीट आधिकारिक रूप से वीआईपी को मिल गई है और राजद ने अपना उम्मीदवार वापस ले लिया है।
पटना। महागठबंधन में सीटों का घालमेल लगातार जारी है। सोमवार को उम्मीदवारों के नामांकन का अंतिम दिन है परंतु महागठबंधन आधिकारिक रूप से उम्मीदवारों के नाम और विधानसभा क्षेत्र नहीं जारी कर सका है।
इसी घालमेल की वजह से दरभंगा की गौड़ाबौराम सीट भी विवादों में आ गई थी। परंतु अब लालू प्रसाद के हस्तक्षेप के बाद यह सीट आधिकारिक रूप से विकासशील इंसान पार्टी की हो गई है।
दरअसल 17 अक्टूबर को विधानसभा पहले चरण के नामांकन के महज एक दिन पहले विकासशील इंसान पार्टी ने बागी तेवर दिखाने शुरू किए। जिसके महज 24 घंटे बाद वीआईपी को छह सीटें देने की घोषणा की गई। जिसमें दरभंगा की गौड़ाबौराम सीट भी थी।
चर्चा शुरू हुई की वीआईपी संस्थापक मुकेश सहनी यहां से स्वयं चुनाव लड़ेंगे। लेकिन, वे नामांकन करते इसके पहले यह खबर भी आ गई कि राजद सीट तो वीआईपी को दी परंतु अपने एक उम्मीदवार भी यहां से प्रत्याशी बनाने जा रही
जिसके बाद सहनी के भाई ने यहां से नामांकन किया। सीट पर राजद से प्रत्याशी दिए जाने के बाद सहनी थोड़ा नाराज चल रहे थे। इस बीच लालू प्रसाद ने मामले में हस्तक्षेप किया है।
उन्होंने साफ कर दिया है कि गौड़ाबौराम सीट वीआइपी की होगी। राजद वहां से अपना कोई उम्मीदवार खड़ा नहीं करेगा न ही किसी को वहां से चुनाव लडऩे के लिए अधिकृत किया गया है।
- Log in to post comments
- 5 views