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समस्तीपुर में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने राजद पर नए तरीके से हमला बोला। उन्होंने लोगों से मोबाइल की लाइट जलाने को कहा और पूछा कि जब हर हाथ में लाइट है तो लालटेन की क्या जरूरत है। उन्होंने कहा कि एनडीए सरकार ने डेटा सस्ता किया जिससे युवाओं को फायदा हुआ और वे रील्स बना रहे हैं। बिहार को अब लालटेन की जरूरत नहीं है। 

समस्तीपुर/मुजफ्फरपुर। चुनावी सभा को संबोधित करने पर समस्तीपुर पहुंचे पीएम मोदी ने राजद पर एक बार फिर निशाना साधा। हालांकि इस बार उनका अंदाज एकदम नया था।

अपने संबोधन के बीच में उन्होंने लोगों से कहा, आप मेरा एक काम करिए, मोबाइल निकालिए और लाइट जलाएं। आपकी लाइट जल रही। जब इतनी लाइट है, हर एक के हाथ में लाइट है तो लालटेन चाहिए क्या?

पूरा देश आपको सुन रहा, बिहार को लालटेन और उसके साथी नहीं चाहिए। यही एनडीए सरकार है जिसने गांव-गांव इंटरनेट पहुंचाया। डाटा सस्ता कर दिया। एक जीबी डाटा एक कप चाय से महंगा नहीं है। सस्ते डाटा का फायदा नौजवानों ने उठाया। रील बन रही है। उसमें एनडीए और नीतियों का योगदान है।

बिहार में चुनावी सरगर्मी धीरे-धीरे चरम की ओर से बढ़ रही है। समस्तीपुर की चुनावी सभा में इसका नजारा दिखा भी। पीएम मोदी ने राजद और उसके नेतृत्व वाले गठबंधन पर सीधा हमला किया।

लोगों को कहना है कि पीएम मोदी की लाइट जलवाने वाली बात प्रतीक रूप में ही सही राजद शासन की नीतियों पर प्रहार है। उस समय की विकास की स्थति को बयां करने वाली स्थिति है।

पीएम ने कहा मिथिला कृषि मखाना का क्षेत्र है। साथियों जहां पग-पग पोखर है, वहां पहले दूसरे राज्यों से मछली मंगानी पड़ती थी। हमने 2014 के बाद तस्वीर बदली।

सरकार ने मछुआरों को किसान क्रेडिट कार्ड दिया। नीतीश सरकार का अभिनंदन है मछली उत्पादन दोगुना हो गया है। कभी बाहर से आता था, आज दूसरों को भेज रहे।

हमने जो सफलता मछली उत्पादन में पाई है। उसे मखाना में भी चाहते हैं। मैं चाहता हूं दुनिया भर में मखाने की पहचान बने। नाश्ते में मखाने का उत्पाद हो। हमने मारीशस के राष्ट्रति को मखाना दिया और बताया तो खुश हुए। मखाना बोर्ड का बड़ा लाभ होगा।

हमारी सरकार छोटे किसानों को लाभ दे रही है। हमारी सरकार से किसानों को सस्ता लोन मिल रहा। पहले कोई सहायता नहीं मिलती थी। बैंकों के दरवाजे बंद थे। पीएम किसान सम्मान नीति से हमने किसानों को पैसा भेजना शुरू किया।

जंगलराज में ये पैसा आपके खाते में आते थे क्या, बीच में ही चोरी हो जाते थे। उनके पीएम कहते थे एक रुपये निकलते थे, 15 पैसे मिलते हैं। हर बिहारी का सपना मोदी का संकल्प है।

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