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मेरठ में एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए 31 मार्च तक ई-केवाईसी अनिवार्य है। ऐसा न करने पर सब्सिडी नहीं मिलेगी। यह नियम सभी कंपनियों पर लागू है और हर वित्तीय वर्ष में ई-केवाईसी कराना होगा। उपभोक्ता मोबाइल ऐप या डीलर के माध्यम से नि:शुल्क ई-केवाईसी करा सकते हैं। एलपीजी आपूर्ति में कोई बाधा नहीं होगी।

मेरठ। एलपीजी के घरेलू गैस उपभोक्ताओं के लिए 31 मार्च तक बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण (ई-केवाइसी) कराना अनिवार्य कर दिया गया है। इस तिथि तक ई-केवाइसी न होने पर सब्सिडी नहीं मिलेगी। यह नियम सभी प्रकार की कंपनियों यानी इंडियन आयल, भारत पेट्रोलियम और एचपी गैस पर लागू होगा।

ई-केवाइसी हर वित्तीय वर्ष में कराना होगा। सब्सिडी केवल उन उपभोक्ताओं को मिलेगी, जिन्होंने ई-केवाईसी पूरी कर ली है। जिन उपभोक्ताओं ने अब तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं की है, वे दो तरीकों से इसे निश्शुल्क पूरा कर सकते हैं। पहला है कि संबंधित कंपनी के मोबाइल ऐप के माध्यम से स्वयं प्रमाणीकरण करें

दूसरा विकल्प है कि आप अपने एलपीजी वितरण कर्मी या स्थानीय डीलर से संपर्क कर ई-केवाइसी करा सकते हैं। हालांकि एलपीजी की आपूर्ति या रिफिल में कोई बाधा नहीं होगी। उपभोक्ता निर्धारित सीमा तक गैस सिलेंडर बुक कर सकेंगे। मेरठ एलपीजी गैस वितरक एसोसिएशन के अध्यक्ष नमो जैन ने बताया कि ई-केवाइसी प्रक्रिया बहुत आसान है। उपभोक्ता इसे समय से अवश्य करा लें।