मथुरा सिटी: एसपी राजीव कुमार, एसपी क्राइम और एसपी ट्रैफिक पहुंचे प्रेमानंद महाराज के दरबार, मिला नामजप मंत्र
RGANews Mathura
Premanand Maharaj News: मथुरा के संत प्रेमानंद महाराज के दरबार में मथुरा का पुलिस महकमा दिखाई दिया। सिटी एसपी, एसपी क्राइम और ट्रैफिक एसपी परिवार के साथ उनके दरबार में पहुंचे।
मथुरा: उत्तर प्रदेश के मथुरा में संत प्रेमानंद जी महाराज के दरबार में श्रद्धालुओं की भीड़ लगा रहती है। देश-विदेश से श्रद्धालु श्रीराधा केली कुंज पहुंच कर उनके दर्शन करते हैं। आम से लेकर खास तक के साथ प्रेमानंद महाराज पूरी आत्मीयता के साथ मिलते हैं। जीवन के संदेश देते हैं। राधा नामजप मंत्र को वे सभी प्रकार के कष्टों को दूर करने के लिए रामवाण उपाय बताते हैं। मथुरा का पुलिस महकमा भी परिवार के साथ जब प्रेमानंद महाराज के दरबार में पहुंचा तो पूरी आत्मीयता के साथ मिलते दिखे। दरअसल, मथुरा के सिटी एसपी राजीव कुमार, एसपी क्राइम अवनीश मिश्रा और एसपी ट्रैफिक मनोज यादव परिवार के साथ प्रेमानंद महाराज के दर्शन के लिए पहुंचे थे।
प्रेमानंद महाराज ने दिया मंत्र
प्रेमानंद महाराज ने पुलिस अधिकारियों के कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि लोगों को सुरक्षित रखने के लिए दिन-रात जुटे रहने वाला कार्य पुलिस का है। ऐसे में आपलोग बड़ा काम कर रहे हैं। भागदौड़ भरी जिंदगी में आप अगर अपने मन-मस्तिष्क को केंद्रित रखेंगे तो अपने कार्य को अधिक सुगमता से पूरा कर पाएंगे। उन्होंने पुलिस अधिकारियों और उनके परिवार को नामजप का मंत्र दिया।
प्रेमानंद महाराज ने क्या कहा?
संत प्रेमानंद महाराज ने पुलिस अधिकारियों और उनके परिजनों से एकल मुलाकात के दौरान जीवन सार समझाया। उन्होंने कहा कि मनुष्य जीवन का लाभ ही अध्यात्म है। आधुनिकता की उन्नति का अंत है, लेकिन अध्यात्म अनंत है। उन्होंने कहा कि आप जिस पद पर हैं, वह राष्ट्र सेवा का है। इससे समाज सेवा हो रही है।
महाराज ने आगे कहा कि जिस शरीर को भगवान ने जिस हेतु भेजा है, वह इस शरीर का हेतु है। उन्होंने भगवान के नाम जाप को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि आप पिछले जीवन के पूण्य प्रताप से इस पद पर हैं। अगर भगवान का स्मरण नहीं हो रहा है, अध्यात्म से नहीं जुड़े हैं तो पूर्व पुण्य के प्रताप से आप इस पद पर हैं।
प्रेमानंद महाराज ने कहा कि इस जन्म में मनुष्य योनि को प्राप्त हैं। अब अगली योनि जो प्राप्त होगी, वह आपके बस की नहीं है। उस समय आप पदाधिकारी नहीं रहेंगे। न यह योनि ही रहेगी तो हमको इस योनि में ऐसा कार्य कर लेना चाहिए कि कम से कम फिर मनुष्य बनें। हमारा जन्म अपने धार्मिक भारत देश में हो। फिर किसी सेवा में रहे और समाज सेवा करें।
संत ने पुलिस अधिकारियों से कहा कि इसलिए, नाम जप जरूर करते रहें। परोपकार करते रहें। दोषियों को दंड देना और निर्दोष को सुरक्षित रखना, यह सबसे बड़ी पूजा है। आपके लिए कर्तव्य है कि निर्दोष कभी फंसने न पावे और दोषी बचाने न पाए। दोषी को दंड देना एक तपस्या है। वह पवित्र होगा तो समाज सुधरेगा। उन्होंने कहा कि ईश्वर ने आपको बहुत अच्छी सेवा दी है। नाम जप जरूर करते रहें।
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