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उत्तराखंड के हल्द्वानी में एक महिला को अपने पति पर बेटी के साथ दुष्कर्म का झूठा आरोप लगाना महंगा पड़ गया। पुलिस ने महिला का पुलिस एक्ट में चालान किया और चेतावनी दी कि दोबारा ऐसी हरकत करने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। महिला ने अपने पति को सबक सिखाने के लिए यह झूठी कहानी गढ़ी थी।

हल्द्वानी। बनभूलपुरा में एक महिला को अपने पति पर बेटी के साथ दुष्कर्म की झूठी सूचना देना महंगा पड़ गया। पुलिस ने महिला का पुलिस एक्ट में चालान किया। हिदायत भी दी दोबारा ऐसी हरकत करने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पता चला कि महिला की उक्त व्यक्ति के साथ दूसरी शादी हुई है। पति से झगड़ा होने पर सबक सिखाने के लिए महिला ने दुष्कर्म की कहानी गढ़ी थी। देखा जाए तो दुष्कर्म व छेड़छाड़ के मामले में कई बार निर्दोष को सजा भुगतनी पड़ जाती है।

कानूनी की लड़ाई लड़ने में कई लोगों की आधी जिंदगी जेलों में गुजर जाती है। इसी साल सात मई को बरेली की अपर सेशन कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा था कि दुष्कर्म के झूठे आरोप लगाने पर अजय नाम के युवक को चार साल, छह महीने, आठ दिन यानी कुल 1653 दिन जेल में काटने पड़े। कोर्ट ने कहा था कि जितने दिन निर्दोष जेल में रहा उतने दिन युवती को सजा दी जाए।

पूरी कहानी बदल दी

ऐसा ही मामला बनभूलपुरा थाने में देखने को मिला। यहां मंगलवार को आंवला चौकी गेट क्षेत्र में रहने वाली एक महिला पहुंची। उसने पुलिस को बताया कि पति ने उनकी 12 वर्षीय बेटी के साथ दुष्कर्म कर दिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए बनभूलपुरा पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। जिस पर आरोप लगाए थे उसे उठाकर थाने ले आई।

बाद में महिला खुद भी थाने पहुंच गई। उसने पूरी कहानी बदल दी। उसका कहना था कि पति व उसके बीच मंगलवार को दिन में झगड़ा हो गया। महिला की यह दूसरी शादी है। पति आए दिन उसके साथ मारपीट करता है। पति को सबक सिखाने के लिए उसने बेटी के साथ दुष्कर्म करने का झूठा आरोप लगा दिया था। इस मामले में पुलिस ने देर शाम व्यक्ति को छोड़ दिया।

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