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अरविंद केजरीवाल के 15 सितंबर को कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए दिल्ली के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने का एलान कर दिया। इसके बाद से दिल्ली में नए मुख्यमंत्री को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई हैं। नए मुख्यमंत्री को लेकर चल रहीं गतिविधियों पर अधिकारी भी नजर रख रहे हैं। नए मुख्यमंत्री के नाम को लेकर आज शाम आम आदमी पार्टी की पीएसी बैठक होगी। 

नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी (आप) में नए मुख्यमंत्री को लेकर चल रहीं गतिविधियों पर दिल्ली सरकार में कार्यरत अधिकारियों की नजर है। आप में चल रहे घटनाक्रम की अधिकारी जानकारी ले रहे हैं। उनके लिए कौन बेहतर सीएम रहेगा, इस पर भी चर्चा हो रही है।

यूं तो दिल्ली सचिवालय में सभी वरिष्ठ अधिकारियों के कमरों में टीवी लगा हुआ है। मगर बहुत से अधिकारी आमतौर पर टीवी को अक्सर बंद ही रखते हैं। मगर इन दिनों सभी अधिकारियों के कार्यालय में टीवी चल रहे हैं और उन पर समाचार ही चलते हैं। उनकी नजर भी समाचारों पर ही रहती है। वह इसलिए भी रहती है क्योंकि इस दिनों राजनीति को लेकर दिल्ली ही चर्चा में है।

इस्तीफे के एलान से बढ़ी सियासी हलचल

आए दिन बदलते घटनाक्रम को लेकर भी वह अपडेट रहते हैं। इसी बीच शुक्रवार देर शाम को पहले मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की पांच माह बाद जेल से रिहाई और फिर रविवार को अचानक उनकी पद से इस्तीफा देने की घोषणा से राजनीतिक माहौल गरमा गया है।

नया मुख्यमंत्री कौन होगा इस पर आप कार्यकर्ताओं और दिल्ली की जनता की नजर तो है ही, अधिकारियों में भी उत्सुकता है। अवकाश होने के चलते जब सोमवार को एक अधिकारी से बात की गई तो वह अपने घर पर थे। फोन उठाते ही उन्होंने कहा कि क्या चल रहा है आज तक, दिल्ली ही चर्चा में है। राजनीति की बात हुई तो बात नए मुख्यमंत्री पर ही आ गई।

अधिकारी भी चाहते हैं शुरू हों रुके हुए काम

बता दें कि अधिकारियों में नए मुख्यमंत्री को लेकर उत्सुकता इसलिए भी है कि इन्हें इन्हीं के साथ काम करना है और अधिकारी भी चाहते हैं कि मुख्यमंत्री सचिवालय आएं और कामकाज सुचारू रूप से आगे बढ़ सके।पांच महीने से मुख्यमंत्री के बिना है दिल्ली सचिवालय

पिछले पांच माह से दिल्ली सचिवालय मुख्यमंत्री के बिना है। पांच माह से अधिक समय से मुख्यमंत्री जेल में रहे हैं। मगर इससे पहले भी कई माह से मुख्यमंत्री सचिवालय नहीं जा रहे थे। उसका कारण मुख्यमंत्री कार्यालय में चल रहा नवीनीकरण कार्य भी रहा।

मगर माना जा रहा है कि 2021 में दिल्ली को लेकर संसद में पास किया वह संसोधन कानून भी है जिसमें सरकार की शक्तियां एलजी के पास चली गई हैं। इसे लेकर भी केजरीवाल निराश हैं।

हाल ही धर्मेंद्र ने संभाला मुख्य सचिव का काम

दिल्ली सचिवालय में सोमवार को अवकाश है, मगर आमतौर पर आजकल ऐसा माहौल रहता है कि चतुर्थ श्रेणी से लेकर विभाग प्रमुख तक समय मिलने पर दिल्ली को लेकर ही बात करते हैं। इन दिनों दिल्ली सचिवालय में मुख्य सचिव के पद पर कुछ दिन पहले ही धर्मेंद्र ने काम संभाला है।

बताया जा रहा है कि धर्मेंद्र का काम करने का तरीका अन्य अधिकारियों से अलग है। वह नए मुख्यमंत्री से लेकर मंत्रियों तक से किस तरह के संबंध रहेंगे यह भी देखने वाली बात होगी। अभी उनकी मंत्रियों के साथ भी बैठक नहीं हो सकी है।

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