जम्मू कश्मीर में विधानसभा चुनाव के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौरा जारी है। पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने नेकां को लेकर एक बयान दिया है। इसमें उन्होंने कहा कि नेकां को केवल कुर्सी की हवस है। इसलिए पार्टी ने हमारे साथ गठबंधन नहीं किया। हालांकि उन्होंने पूरी कोशिश की थी कि सबके साथ मिलकर दिल्ली से लड़ा जाए।
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव के लिए पहले चरण के मतदान से पहले पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने नेशनल कॉन्फ्रेंस को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा, 'मैं नेकां के साथ मिलकर चलना चाहती थी, मैंने कोशिश की थी कि हम इकट्ठा चलें।
उन्होंने कहा कि पीएजीडी (पीपुल्स अलायंस फॉर गुपकार डिक्लेरेशन) जो बना था, मैंने कोशिश की थी कि हम साथ चलें, लेकिन दुर्भाग्य से नेशनल कॉन्फ्रेंस को यह पसंद नहीं आया। नेकां को कुर्सी की हवस इतनी ज्यादा है। उन्हें लगा अगर कुछ सीटें अगर बांट देंगे तो कहीं कुर्सी हाथ से न निकल जाए।
मुफ्ती ने कहा, 'हमें साथ रहना चाहिए ताकि दिल्ली ने वोटों को बांटने के लिए जो बड़ी संख्या में निर्दलीय उम्मीदवार उतारे हैं, वह न हो।'
महबूबा जम्मू-कश्मीर में विनाश लेकर आईं- उमर
इससे पहले नेकां के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने भी महबूबा मुफ्ति पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था कि पीडीपी और महबूबा मुफ्ती ने जम्म-कश्मीर में केवल विनाश के अलावा कुछ नहीं किया। साथ ही पीडीपी ने भाजपा को जम्मू-कश्मीर लाने में सबसे बड़ी भूमिका निभाई है। और तो और जम्मू-कश्मीर को विनाश में ढकेलने के बाद अभी तक मुफ्ती ने माफी भी नहीं मांगी है।
2016 में हुए हिंसक विरोध प्रदर्शन को किया याद
अब्दुल्ला ने इस दौरान 2016 में हिज्बुल मुजाहिदीन कमांडर बुरहान वानी की हत्या के बाद सड़कों पर हुए हिंसक विरोध प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए अब्दुल्ला ने कहा कि मुफ्ती को उन पर उंगली उठाने से पहले 2016 का हिसाब देना चाहिए। इस विरोध प्रदर्शन में 90 से अधिक नागरिक मारे गए थे।
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