Minimum Wage केंद्र सरकार ने देशभर के मजदूरों के जीवन में सुधार लाने के लिए गुरुवार को एक बड़ा फैसला लिया। सरकार ने न्यूनतम मजदूरी दर बढ़ाकर 1035 रुपये प्रतिदिन करने का ऐलान किया। सरकार ने तीन लेवल पर इस संशोधन को किया है। आइए जानते हैं कि किस कैटेगरी में मजदूरों को कितनी सैलरी मिलेगी। मजदूरी अलग-अलग कौशल स्तर और भौगलिक क्षेत्र के आधार पर मजदूरी तय होती है।
केंद्र सरकार ने परिवर्तनीय महंगाई भत्ते (वीडीए) में संशोधन करके असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों की मजदूरी में बढ़ोतरी की गई है। श्रमिकों के जीवन-यापन की बढ़ती लागत को देखते हुए सरकार ने यह फैसला किया है। नई मजदूरी दरें एक अक्टूबर, 2024 से प्रभावी होंगी।
केंद्रीय क्षेत्र के प्रतिष्ठानों के अंतर्गत भवन-निर्माण, लोडिंग-अनलोडिंग, स्वीपिंग, क्लीनिंग, हाउसकीपिंग, खनन और कृषि सहित विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत श्रमिकों को इसका लाभ मिलेगा।
न्यूनतम मजदूरी दरों को कौशल स्तर - अकुशल, अर्ध-कुशल, कुशल और उच्च कुशल - के साथ-साथ भौगोलिक लेवल - ए, बी और सी के आधार पर वर्गीकृत किया गया है।
अकुशल, लेवल 'ए'
निर्माण, झाड़ू लगाने, सफाई, लोडिंग एवं अनलोडिंग में अकुशल कार्य करने वाले श्रमिकों के लिए न्यूनतम मजदूरी दर 783 रुपये प्रतिदिन (20,358 रुपये प्रतिमाह) किए गए।
अर्ध-कुशल, लेवल 'बी'
अर्द्धकुशल के लिए 868 रुपये प्रतिदिन (22,568 रुपये प्रतिमाह), कुशल, लिपिकीय एवं शस्त्र रहित चौकीदारों के लिए 954 रुपये प्रतिदिन (24,804 रुपये प्रतिमाह) किए गए।
उच्च कुशल, लेवल 'सी'
शस्त्र सहित चौकीदारों के लिए 1,035 रुपये प्रतिदिन (26,910 रुपये प्रतिमाह) होगी।
बता दें कि केंद्र सरकार औद्योगिक श्रमिकों के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक में छह महीने की औसत वृद्धि के आधार पर वर्ष में दो बार, 1 अप्रैल और 1 अक्टूबर से, VDA में संशोधन करती है।
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