सनातन धर्म में प्रदोष व्रत को बेहद खास माना गया है। यह दिन पूरी तरह से भगवान शित है। इस उपवास को रखने से मनचाहे वर की प्राप्ति होती है। साथ ही जीवन में शुभता आती है। वैदिक पंचांग के अनुसार आज यानी 29 सितंबर को रवि प्रदोष का व्रत रखा जा रहा है जो बेहद फलदायी है तो चलिए इससे जुड़ी संपूर्ण जानकारी यहां जानते हैं।
हिंदू धर्म में रवि प्रदोष व्रत एक महत्वपूर्ण व्रत माना गया है, जो अपने आध्यात्मिक और धार्मिक महत्व के लिए जाना जाता है। इस पावन दिन पर भगवान शंकर और देवी पार्वती की पूजा होती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन भक्त कठिन उपवास का पालन करते हैं और महादेव का आशीर्वाद पाने के लिए उनकी पूजा करते हैं।
वैदिक पंचांग के अनुसार, इस बार व्रत 29 सितंबर, 2024 यानी आज मनाया जा रहा है, तो आइए इससे जुड़ी संपूर्ण जानकारी यहां जानते हैं।
भगवान शिव भोग
ठंडाई, लस्सी, खीर और सफेद मिठाई।
शिव जी प्रिय पुष्प
सफेद मदार या आक के फूल।
पूजा विधि
सुबह उठकर स्नान करें। पूजा की शुरुआत से पहले मंदिर को अच्छी तरह से साफ कर लें। फिर शिव जी की प्रतिमा और शिवलिंग का जलाभिषेक करें। सफेद फूल, बेलपत्र, भांग और धतूरा आदि चीजें अर्पित करें। पुरुष शिवलिंग पर जनेऊ चढ़ा सकते हैं, लेकिन महिलाओं को जनेऊ नहीं चढ़ाना चाहिए। फिर सफेद चंदन से देवों के देव महादेव के माथे पर त्रिपुंड बनाएं। देसी घी का दीया जलाएं और भगवान शिव को खीर का भोग लगाएं। रुद्राक्ष की माला से शिव जी के 108 नामों का जाप करें।
इसके अलावा भगवान शिव को अक्षत, मीठा पान, मौसमी फल चढ़ाएं। इसके साथ ही महिलाएं सौभाग्य और सुखी वैवाहिक जीवन के लिए माता पार्वती को शृंगार की सामग्री चढ़ाएं। अंत में आरती से पूजा को पूर्ण करें।
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