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न्यायमूर्ति मनमोहन को दिल्ली हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया है। वे 9 नवंबर 2023 से दिल्ली उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश थे। वह अभी 61 वर्ष के हैं। रविवार को राजनिवास में एलजी सक्सेना ने उन्हें शपथ दिलाई है। न्यायमूर्ति मनमोहन ने दिल्ली विश्वविद्यालय के कैंपस लॉ सेंटर से कानून की डिग्री ली है।

नई दिल्ली। न्यायमूर्ति मनमोहन ने रविवार को दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ली। उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने एलजी के सचिवालय राजनिवास में एक समारोह में न्यायाधीश को शपथ दिलाई। वह 61 वर्ष के हैं। इस समारोह में दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी सहित कई गणमान्य व्यक्ति शामिल हुए।

तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश सतीश चंद्र शर्मा सुप्रीम कोर्ट में जज बन गए थे। उनकी पदोन्नति के बाद न्यायमूर्ति मनमोहन को 9 नवंबर, 2023 को हाईकोर्ट का कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया था।

1987 में शुरू की थी वकालत

न्यायमूर्ति मनमोहन दिवंगत जगमोहन के पुत्र हैं, जो एक प्रसिद्ध नौकरशाह से राजनेता बने थे। उन्होंने जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल और दिल्ली के उपराज्यपाल के रूप में भी कार्य किया था। न्यायमूर्ति मनमोहन ने दिल्ली विश्वविद्यालय के कैंपस लॉ सेंटर से कानून की डिग्री ली। इसके बाद 1987 में एक वकील के रूप में नामांकन कराया था।

11 जुलाई को कॉलेजियम ने की सिफारिश

11 जुलाई को सर्वोच्च न्यायालय के कॉलेजियम ने सिफारिश की कि न्यायमूर्ति मनमोहन को दिल्ली उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया जाए। जज मनमोहन इस वर्ष 16 दिसंबर को सेवानिवृत्त (रिटायर) हो जाएंगे।

केंद्र सरकार ने कॉलेजियम की सिफारिश पर 21 सितंबर को प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। न्यायमूर्ति मनमोहन 13 मार्च, 2008 को दिल्ली हाईकोर्ट के अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किए गए थे। उससे पहले वो एक सीनियर वकील थे। उन्हें 17 दिसंबर, 2009 को स्थायी न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया गया था।