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नायिका कार्यक्रम के तहत पीलीभीत में केंद्रीय विद्यालय की छात्राओं ने एक अनोखी पहल के तहत एक दिन का जिलाधिकारी सीडीओ अपर जिलाधिकारी और जिला पंचायत राज अधिकारी बनाया गया। छात्राओं ने संबंधित कार्यालयों में अधिकारियों की सीटों पर बैठकर जन समस्याएं सुनीं और निर्देश जारी किए। इस पहल का उद्देश्य छात्राओं को प्रशासन और सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली को समझना और नेतृत्व क्षमता का विकास करना था।

पीलीभीत। केंद्रीय विद्यालय में कक्षा 11 में पढ़ने वाली कई छात्राएं आज जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी, अपर जिलाधिकारी और जिला पंचायत राज अधिकारी की भूमिका में नजर आईं। इन छात्राओं ने न सिर्फ संबंधित कार्यालयों में उन अधिकारियों की सीटों पर बैठीं बल्कि जन समस्याएं सुनकर निर्देश भी जारी किए

प्रोबेशन विभाग की अनूठी पहल

मंगलवार को बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत प्रोबेशन विभाग की ओर से यह अनूठी पहल की गई। इसे नायिका कार्यक्रम नाम दिया गया। केंद्रीय विद्यालय में कक्षा 11 की छात्रा अपराजिता उपाध्याय को एक दिन के लिए डीएम बनाया गया

कलेक्ट्रेट परिसर में देखी व्यवस्थाएं

डीएम बनीं छात्रा अपराजिता ने कलेक्ट्रेट परिसर में रिकॉर्ड रूम, कोषागार का निरीक्षण किया। प्रशासन की कार्य प्रणाली का अध्ययन भी किया। इसके बाद कलेक्ट्रेट में डीएम की सीट पर बैठ कर जनता की समस्याएं सुनीं। साथ ही संबंधित विभागों के अधिकारियों को समस्याओं के निस्तारण के निर्देश दिए।

अपर जिलाधिकारी बनीं अनु, काम को समझा

इसी विद्यालय की कक्षा 11 की छात्रा अनु शर्मा अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) बनाईं गईं। उन्होंने भी एडीएम की सीट पर बैठकर कामकाज को समझा। इसी तरह से कक्षा 11 की ही राधिका गौड़ विकास भवन में सीडीओ की सीट पर नजर आईं। यहां सीडीओ के रूप में उन्होंने गांवों से आए फरियादियों की समस्याएं सुनीं। विकास भवन में ही जिला पंचायत राज अधिकारी की सीट पर विजेता उपाध्याय बैठीं और जन समस्याएं सुनीं

रमशा को बनाया जिला कार्यक्रम अधिकारी, प्रगति गुप्ता प्राेबेशन अधिकारी 

छात्रा रमशा को जिला कार्यक्रम अधिकारी बनाया गया। उन्होंने बाल विकास परियोजना की कार्यप्रणाली को समझा। इस कार्यक्रम की आयोजक जिला प्रोबेशन अधिकारी प्रगति गुप्ता के अनुसार ये सभी छात्राएं केंद्रीय विद्यालय में कक्षा 11 में अध्ययनरत हैं। नायिका कार्यक्रम का उद्देश्य इन छात्राओं को प्रशासन सहित अन्य सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली को समझना और नेतृत्व क्षमता का विकास करना रहा।