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हाथरस में हुई घटना के डर से हापुड़ में पंडित प्रदीप मिश्रा की शिव महापुराण कथा को अनुमति नहीं दी गई है। प्रशासन को आशंका है कि कथा में भारी भीड़ उमड़ेगी और भगदड़ मच सकती है। आयोजकों द्वारा सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए जाने के कारण यह निर्णय लिया गया है। कथा में पांच से दस लाख लोग पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।

हापुड़। नगर क्षेत्र के एनएच-09 स्थित जेएमएस कॉलेज में शनिवार से शुरू हो रही पंडित प्रदीप मिश्रा के शिवमहापुराण कथा कार्यक्रम पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। कथा में पांच से दस लाख लोग पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में हाथरस में हुई घटना के डर से अफसरों ने सुरक्षा-व्यवस्था को लेकर हाथ खड़े कर बृहस्पतिवार को कथा आयोजन को अनुमति देने से मना कर दिया है। अधिकारी आयोजन समिति की ओर से सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं करने के चलते यह निर्णय लेने की बात कर रहे हैं

हाथरस के सिकंदरा राऊ क्षेत्र के फुलराई गांव में दो जुलाई को सूरज पाल उर्फ भोले बाबा उर्फ नारायण साकार हरि के सत्संग के बाद मची भगदड़ में कुल 121 लोगों की मौत हो गई थी। जिसके बाद सरकार ने अधिकारियों के पेंच कसते हुए ऐसे मामलों में सख्त रवैया अपनाने के आदेश दिए थे।

भगदड़ मचने की आशंका को लेकर प्रशासन परेशान

हापुड़ में श्री शिव महापुराण कथा सेवा समिति, श्री सनातन धर्म सभा व जेएमएस ग्रुप आफ इंस्टीट्यूशन के तत्वाधान में पांच अक्टूबर यानी आज से नौ अक्टूबर तक जेएमएस कॉलेज में पंडित प्रदीप मिश्रा के शिवमहापुराण कथा कार्यक्रम का आयोजन होना है। कथा में देश के कोने-कोने से श्रद्धालुओं पहुंचेंगे। ऐसे में भगदड़ मचने की संभावना न बन जाए इसको लेकर जिम्मेदारों के हाथ-पैर फूले हुए हैं।

25 से 30 तीस हजार श्रद्धालुओं के लिए मांगी अनुमति

आयोजक समिति के सदस्य हरेंद्र उर्फ मोनू मलिक ने बताया कि अधिकारियों से पहले एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं के आने की अनुमति मांगी थी। बाद में 25 से 30 हजार श्रद्धालुओं के लिए अनुमति मांगी गई। मामले में अफसरों ने अनुमति के लिए छह विभागों से अभिमत मांगा था। छह विभागों के अधिकारियों ने सुरक्षा की दृष्टि से कथा के आयोजन पर आपत्ति जताई है।

सुरक्षा में चूक को लेकर चिंता

अधिकारियों का दावा है कथा स्थल का वहां आने वाले श्रद्धालुओं के लिए अपर्याप्त है। जल निकासी व्यवस्था की कमी के कारण पानी भराव और भगदड़ की संभावना है। आंधी-बारिश और आकाशीय बिजली को ध्यान में रखते हुए कार्यक्रम की अनुमति प्रदान करना उचित नहीं है। पुलिस विभाग ने भी प्रमुख तकनीकी विभागों की सहमति के अभाव में सुरक्षा व्यवस्था के नजरिए से आयोजकों को अनुमति देना उचित नहीं समझा है।