मंडी में मानसून की वर्षा ने कहर बरपाया है जिससे कई घर खतरे में आ गए हैं। सन्यारड वार्ड में भूस्खलन से पांच घरों को खतरा है जबकि नारला में एक पुश्तैनी मकान ढह गया। गोहर में भी घरों को खतरा है और दो पशुशालाएं गिर गई हैं। प्रशासन नुकसान का आकलन कर रहा है और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है।
मंडी। मानसून की वर्षा ने मंडी में तबाही मचाना शुरू कर दिया है। मंडी जिला में 10 घर खतरे की जद में आ गए हैं। मंडी शहर के सन्यारड वार्ड में बन रही मीरा एनक्लेव कालोनी के लिए की गई कटिंग के साथ भूस्खलन होने के कारण पांच घर खतरे की जद में हैं। तीन परिवारों ने अपने घर खाली कर दिए हैं।
वहीं, जिला में सदर मंडी और पद्धर में दो घर गिर गए हैं। इसके अलावा दो पशुशालाएं ध्वस्त हुई हैं। मंडी शहर के टारना रोड में ही तीन जगह पेड़ गिरने के कारण रास्ते बाधित रहे।सन्यारड वार्ड में बन रही नई कालोनी के साथ लगते घरों में शनिवार रात को हुई भारी वर्षा के साथ भूस्खलन हो गया।
इस कारण करीब पांच घरों को खतरा पैदा हो गया है। आयुक्त रोहित राठौर, महापौर वीरेंद्र भट्ट, पार्षद वीरेंद्र आर्या मौके पर पहुंचे। यहां मौजूद प्रभावितों प्रभी देवी, उनके बेटे धर्मंद्र और अमित, उषा किरण, कृष्णा देवी, कांता देवी व सोहन लाल ने बताया कि लंबे समय से यहां काम कर रहे ठेकेदार को डंगा लगाने के लिए कहा जा रहा है लेकिन केवल एक ही पार्ट लगाया गया और शनिवार रात को भूस्खलन हो गया।
प्रभी देवी के मकान को सबसे अधिक खतरा है। मौके पर प्रभी देवी रो पड़ीं। वहीं, मौके पर मौजूद मीरा एनक्लेव के प्रतिनिधि ने कहा कि यहां जमीन की पैमाइश का मामला है। जल्द डंगा लगा दिया जाएगा। ठेकेदार को डंगा लगाने के आदेश दिए हैं। आयुक्त रोहित राठौर ने कहा कि सोमवार को जमीन की पैमाइश करवाई जाए।
नारला में पुश्तैनी मकान ढहा
बिजनी से नारला तक निर्माणाधीन फोरलेन की कंपनी की लापरवाही के कारण नारला निवासी रमणीक शर्मा का पुश्तैनी मकान जमींदोज हो गया है। रमणीक शर्मा ने बताया कि वर्षा और फोरलेन निर्माण में गावर कंस्ट्रक्शन कंपनी द्वारा की गई गलत कटिंग इस नुकसान का कारण बनी है। जो बुर्जी चिह्नित की गई थी, वह मकान से नीचे थी लेकिन कंपनी ने कटिंग ऊपरी हिस्से तक कर दी।
इससे मकान के पीछे की दीवार ढह गई। कटिंग के बाद कोई भी सुरक्षा दीवार नहीं बनाई गई। रमणीक शर्मा ने प्रशासन से उचित मुआवजा देने की मांग की है। वहीं, सदर मंडी के त्रियांबला में एक घर गिर गया जिस कारण करीब 50,000 रुपये का नुकसान हुआ है।
गोहर में तीन घरों को खतरा, पॉलीहाउस ध्वस्त
भारी वर्षा के कारण गोहर उपमंडल में तीन घरों को खतरा हो गया है। साथ ही लाल सिंह का पॉलीहाउस ध्वस्त हो गया है। खारसी निवासी तिलक राज का मकान भी खतरे की जद में है। खारसी के ही भवानी दत, कुनसोट गांव के रमेश कुमार पुत्र उत्तम चंद के मकान के नजदीक भूस्खलन के कारण मकान में दरारें आ गई हैं। कार्यकारी एसडीएम कृष्ण कुमार ने बताया कि क्षेत्र के सभी पटवार सर्कलों के कर्मचारी वर्षा से हुए नुकसान की जानकारी जुटाने में जुटे हैं।
नकेहड़ व खारसा में दो मकान खतरे की जद में
हारगुनैण पंचायत के नकेहड़ और गुम्मा के खारसा में दो मकान भूस्खलन के कारण खतरे की जद में हैं। तेज वर्षा से नकेहड़ निवासी रोशन लाल का मकान भूस्खलन की जद में आ गया। अनुमानित 50 हजार रुपये का नुकसान हुआ है। खारसा के चमन लाल और गोपाल सिंह के मकान में भी मलबा और पत्थर घुस जाने क्षति पहुंची है। इसके अलावा नोहली और टिकरू में भूस्खलन से रिहायशी इलाकों को नुकसान पहुंचा है।
शहर के साईं बाजार से सटे रिहायशी इलाकों में भी वर्षा के पानी ने खूब तबाही मचाई। प्रशासन ने लोगों को सुरक्षित जगह जाने के लिए कहा है।
दो पशुशालाएं
भारी वर्षा के कारण सुंदरनगर और सदर मंडी में दो पशुशालाएं गिर गईं। सुंदरनगर में सुती राम पुत्र नानकू निवासी निचली बहली की पशुशाला गिर गई है। एक अन्य पशुशाला सदर में गिरी है।
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