बिहार पटना समाचार
बिहार में महागठबंधन की हार के बाद कांग्रेस में घमासान मचा है। प्रदेश प्रभारी को हटाने और नेतृत्व में बदलाव की मांग उठ रही है। चुनावी रणनीति, तालमेल की कमी और टिकट बंटवारे में गड़बड़ी जैसे मुद्दों पर सवाल उठाए जा रहे हैं। पार्टी हाईकमान जल्द ही हार की समीक्षा के लिए समिति गठित कर सकता है। नेताओं ने कृष्णा अल्लावरू और राजेश राम को जवाबदेह ठहराया
नई दिल्ली: बिहार में महागठबंधन की अप्रत्याशित दयनीय हार के बाद केवल राजद ही नहीं कांग्रेस के भीतर भी सियासी बेचैनी का उबाल सामने आने लगा है।
चुनावी रणनीति के संचालन, गठबंधन में तालमेल के अभाव, टिकट बंटवारे में घालमेल से लेकर पार्टी के जमीनी कार्यकर्ताओं-नेताओं की अनदेखी जैसी चूक के मसले उठाते हुए राज्य संगठन में तत्काल नेतृत्व परिवर्तन से लेकर एआइसीसी के बिहार प्रभारी कृष्णा अल्लावरु को प्रभावहीन और नाकाम बताते हुए उन्हें हटाए जाने की मांग उठाई जाने लगी है।
पार्टी हाईकमान चुनावी हार के बाद अपने नेताओं द्वारा उठाए जा रहे सवालों पर अभी तो चुप है मगर इसके पुख्ता संकेत हैं कि जल्द ही बिहार में कांग्रेस की दयनीय हार की समीक्षा के लिए पार्टी नेताओं की एक समिति की गठन करेगा। राज्यों में हार की समीक्षा के बाद ही फेरबदल जैसे कदम उठाने का शीर्ष नेतृत्व फैसला लेता रहा है।
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