Bina Dhup Ke Vitamin D Kaise Prapt Karen
भारत जैसे देश में, जहां साल के अधिकतर दिन सूरज चमकता है, फिर भी हर चौथा व्यक्ति विटामिन डी की कमी से जूझ रहा है. ऐसे में विटामिन डी शरीर को पूरी मात्रा में नहीं मिल पाता है. विटामिन डी शरीर के लिए बहुत जरूरी है
How can you get vitamin D without sun exposure?
भारत जैसे देश में, जहां साल के अधिकतर दिन सूरज चमकता है, फिर भी हर चौथा व्यक्ति विटामिन डी की कमी से जूझ रहा है. माघ के महीने में सर्दियां अपने चरम पर होती हैं और सूर्य की शक्ति भी क्षीण हो जाती है.
कुछ दिनों पर आसमान में सिर्फ बादल और घना कोहरा दिखता है. ऐसे में विटामिन डी शरीर को पूरी मात्रा में नहीं मिल पाता है. विटामिन डी शरीर के लिए बहुत जरूरी है.
विटामिन डी की कमी से शरीर में क्या दिक्कत होती है?
विटामिन डी की कमी शरीर को बेजान और कमजोर कर देती है, और शरीर में हड्डियां, मांसपेशियां, दांत और इम्यून सिस्टम भी प्रभावित होते हैं. सर्दियों में वात दोष की वृद्धि तेजी से होती है और विटामिन डी की कमी के साथ जोड़ों के दर्द के लिए भी जिम्मेदार होती है. ऐसे में विटामिन डी की पूर्ति शरीर में होना बहुत जरूरी है.
विटामिन डी कितने प्रकार के होते हैं?
शरीर में विटामिन डी दो रूपों में पाया जाता है. पहला विटामिन डी-3 और दूसरा विटामिन डी-2. विटामिन डी-3 धूप की वजह से शरीर में बनता है, जबकि विटामिन डी-2 भोजन और सप्लीमेंट से मिलता है. रोजाना एक वयस्क को 600-800 आईयू, बच्चों को 400 आईयू, 60 साल से ऊपर के बुजुर्गों को 800-1000 आईयू और गर्भवती महिलाओं को 800-1000 आईयू विटामिन डी की आवश्यकता होती है. अगर आप विटामिन डी की जांच कराते हैं तो रक्त में विटामिन डी की मात्रा 30-50 एनजी/एमएल होना आवश्यक है। अगर मात्रा कम है तो आप विटामिन डी की कमी से जूझ रहे हैं।
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