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लखीमपुर-खीरी समाचार

जिलाधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल ने निर्माण कार्य की धीमी प्रगति को गंभीर लापरवाही मानते हुए तीन ठेकेदारों पर 3.35 करोड़ रुपये से अधिक का लिक्विडेटेड डैमेज लगाने की तैयारी पूरी कर ली है।

लखीमपुर-खीरी (संवाददाता): गोला गोकर्णनाथ स्थित प्राचीन शिव मंदिर को पर्यटन मानचित्र पर प्रमुख स्थान दिलाने के लिए चल रही मुख्यमंत्री की प्राथमिकता वाली गोला कॉरिडोर परियोजना में लगातार हो रही देरी पर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल ने निर्माण कार्य की धीमी प्रगति को गंभीर लापरवाही मानते हुए तीन ठेकेदारों पर 3.35 करोड़ रुपये से अधिक का लिक्विडेटेड डैमेज लगाने की तैयारी पूरी कर ली है।
स्थलीय निरीक्षण के दौरान एसडीएम गोला सहित अन्य अधिकारियों ने पाया कि निर्माण स्थल पर न तो पर्याप्त श्रमिक मौजूद हैं और न ही कार्य में अपेक्षित तेजी दिखाई दे रही है। यह परियोजना यूपी प्रोजेक्ट्स कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल), यूनिट-14 लखनऊ द्वारा कराई जा रही है, जिसकी अनुबंधित पूर्णता तिथि 15 मार्च 2026 है। मौजूदा स्थिति को देखते हुए समय पर काम पूरा होना मुश्किल नजर आ रहा है।
सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि कार्य में देरी के बावजूद ठेकेदारों की ओर से समयवृद्धि का कोई प्रस्ताव सक्षम प्राधिकारी को नहीं भेजा गया, जिसे प्रशासन ने गंभीर लापरवाही माना है।
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि श्रावण मास के दौरान गोला गोकर्णनाथ शिव मंदिर में भारी संख्या में श्रद्धालु और कांवड़िए पहुंचते हैं। यदि इससे पहले कॉरिडोर का कार्य पूरा नहीं हुआ तो शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में कठिनाई हो सकती है।
तकनीकी जांच में जुर्माने की पुष्टि
जांच समिति की रिपोर्ट में गोला कॉरिडोर की भौतिक प्रगति अत्यंत धीमी पाई गई। इसके बाद यूपीपीसीएल द्वारा दिए गए स्पष्टीकरण का तकनीकी परीक्षण लोक निर्माण विभाग के प्रांतीय खंड से कराया गया।

  • अधिशासी अभियंता की आख्या में निम्नानुसार जुर्माना उचित ठहराया गया
    अनुबंध संख्या 109 (मेसर्स रीना सिंह) – 8% जुर्माना, लगभग 1.45 करोड़ रुपये
    अनुबंध संख्या 110 (मेसर्स नारायन एसोसिएट्स) – 6% जुर्माना, लगभग 1.04 करोड़ रुपये
    अनुबंध संख्या 111 (मेसर्स नारायन एसोसिएट्स) – 5% जुर्माना, लगभग 86 लाख रुपये

भुगतान से पहले काटी जाएगी पेनल्टी

डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल ने पर्यटन विभाग, उत्तर प्रदेश को पत्र लिखकर निर्देश दिए हैं कि यूपीपीसीएल को भुगतान करते समय 3.35 करोड़ रुपये की पेनल्टी काटकर ही भुगतान किया जाए, ताकि अनुबंध की शर्तों का पालन हो और परियोजना समय पर पूरी कराई जा सके।
प्रशासन ने साफ संकेत दिए हैं कि अब गोला कॉरिडोर परियोजना में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।