बरेली समाचार
100 साल पुराने नक्शों पर कार्रवाई का आरोप, सड़क चौड़ीकरण के खिलाफ व्यापारियों में गुस्सा
बरेली: शहर के कोहाड़ापीर से धर्मकांटा मार्ग तक इन दिनों खामोशी और भय का माहौल है। वजह है नगर निगम द्वारा दुकानों पर लगाए गए लाल निशान।
सीएम ग्रिड योजना के दूसरे चरण के तहत प्रस्तावित सड़क चौड़ीकरण में नगर निगम ने करीब 60 दुकानों को चिन्हित किया है।
सोमवार को निगम टीम ने सड़क के दोनों ओर 31-31 फीट की नापजोख कर जब दुकानों पर लाल निशान लगाए, तो पूरे बाजार में अफरा-तफरी मच गई।
व्यापारियों का आरोप है कि नगर निगम 1920 और 1944 के पुराने नक्शों के आधार पर उनकी दुकानों को अवैध बता रहा है, जबकि कई दुकानें आजादी से पहले की बनी हुई हैं और उनके पास वैध संपत्ति दस्तावेज मौजूद हैं।
“भाजपा का सिपाही हूं, फिर भी दुकान पर चला बुलडोजर का साया”कार्रवाई के दौरान भाजपा के सक्रिय कार्यकर्ता तुषार ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि वह वर्षों से पार्टी के लिए काम कर रहे हैं, लेकिन विकास के नाम पर उनकी दुकान पर 5 मीटर तक का लाल निशान लगा दिया गया।
उन्होंने कहा कि यदि 16 फीट दुकान तोड़ी गई तो व्यापार चलाना नामुमकिन हो जाएगा। पहले कोरोना काल और महादेव सेतु निर्माण से आर्थिक नुकसान झेल चुके व्यापारी अब पूरी तरह उजड़ने की कगार पर हैं।
उनका कहना है कि अगर यही हाल रहा तो व्यापारी और आम जनता समय आने पर जवाब जरूर देंगे।
नापजोख के तरीके पर सवाल, एक तरफ ज्यादा तो दूसरी तरफ कम जगह लेने का आरोप
ऑटोमोबाइल कारोबारी जुहेब सहित अन्य दुकानदारों का कहना है कि नगर निगम ने सड़क के सेंटर से नाप करने के बजाय एक तरफ ज्यादा हिस्सा ले लिया है।
व्यापारियों का आरोप है कि पेट्रोल पंप को बचाने के लिए दूसरी ओर की दुकानों को 9 से 16 फीट तक अंदर दबाया जा रहा है। जबकि उनके पास 1944 तक के वैध दस्तावेज मौजूद हैं, फिर भी उन्हें अवैध करार दिया जा रहा है।
तीन पीढ़ियों की मेहनत पर संकट, 3–4 फीट में कैसे चलेगा व्यापार?
बुजुर्ग व्यापारियों ने बताया कि इस बाजार में कई परिवारों की तीन पीढ़ियां गुजर चुकी हैं। किसी ने 15 से 20 लाख रुपये की पगड़ी देकर दुकान ली, तो किसी ने जीवन भर की कमाई इसमें लगा दी।
लाल निशान के बाद कई दुकानों में महज 3 से 4 फीट जगह बच रही है, जिसमें व्यापार करना असंभव है। व्यापारियों का कहना है कि उन्होंने पहले ही सड़क से 14 फीट छोड़कर निर्माण किया था, फिर भी अब अतिरिक्त जगह तोड़ने की तैयारी है।
“एक्सप्रेस-वे नहीं है ये”, सड़क चौड़ाई कम करने की मांग
व्यापारी संघ ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हस्तक्षेप की मांग की है।
व्यापारियों का कहना है कि यह कोई एक्सप्रेस-वे नहीं बल्कि शहर के बीच की सड़क है, जहां 62 फीट चौड़ाई की आवश्यकता नहीं है।
व्यापारियों ने सुझाव दिया है कि यदि सड़क की चौड़ाई 50 फीट तक सीमित कर दी जाए, तो अधिकांश दुकानें बच सकती हैं।
आंदोलन की चेतावनी, कोहाड़ापीर में उबाल
नगर निगम की इस कार्रवाई से कोहाड़ापीर इलाके में भारी आक्रोश है।
व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ और नापजोख की प्रक्रिया में संशोधन नहीं किया गया, तो वे बड़े आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।
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