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बरेली अवधेश शर्मा

बरेली।जिले में वर्षों से फल-फूल रहा अवैध उपखनिज परिवहन का खेल आखिरकार पुलिस की सख्ती के आगे बेनकाब हो गया है।

समाजसेवा और ट्रांसपोर्ट कारोबार की आड़ में खनन माफिया का जो संगठित नेटवर्क चल रहा था, उसकी एक-एक परत अब पुलिस खोलने में जुट गई है।

चेक प्वाइंट पर बैरिकेडिंग तोड़कर जांच टीम को कुचलने की कोशिश करने वाले ट्रक-डंपर नेटवर्क के पीछे छिपे माफिया अब सीधे पुलिस के रडार पर हैं।

पकड़े गए वाहनों के मालिकों की कुंडली खंगाली जा रही है और माफिया चिह्नीकरण के साथ गैंग पंजीकरण व गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी गई है।

उत्तराखंड-यूपी बॉर्डर पर खनन माफियाओं में हड़कंप उत्तराखंड-यूपी बॉर्डर से अवैध उपखनिज ढोने वाले ट्रक-डंपरों में खलबली मची हुई है। नैनीताल मार्ग पर बनाए गए चेक प्वाइंट पर पुलिस और प्रशासन की 24 घंटे की सख्त निगरानी के चलते अवैध परिवहन लगभग ठप हो चुका है।

बैरिकेडिंग तोड़ी, जांच टीम को कुचलने की कोशिश बुधवार शाम बहेड़ी टोल से पहले बने चेक प्वाइंट पर अवैध उपखनिज ले जा रहे ट्रक-डंपरों ने बैरिकेडिंग तोड़ दी और जांच टीम को जान से मारने की नीयत से ट्रक दौड़ा दिए।

अधिकारी-कर्मचारियों ने इधर-उधर भागकर जान बचाई, जबकि दरोगा कृष्णपाल इस हमले में घायल हो गए।

घटना के बाद पुलिस ने तत्काल रिपोर्ट दर्ज कर जांच तेज की और कार्रवाई करते हुए पांच लोकेटरों समेत कुल 24 आरोपियों को गिरफ्तार कर शुक्रवार को जेल भेज दिया।

37 ट्रक-डंपरों के मालिकों की कुंडली खंगाल रही पुलिस ने बहेड़ी मंडी स्थल पर खड़े कराए गए 37 ओवरलोड ट्रक-डंपरों के नंबर एआरटीओ को भेजकर वाहन स्वामियों का पूरा विवरण मांगा है।

जैसे-जैसे मालिकों की पहचान होगी, उनके खिलाफ गिरफ्तारी की कार्रवाई की जाएगी और मुकदमे में जल्द चार्जशीट दाखिल की जाएगी।

बहेड़ी सीओ अरुण कुमार सिंह ने साफ कहा कि इसके बाद आरोपियों के विरुद्ध माफिया चिह्नीकरण, गैंग पंजीकरण और गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी।

मोबाइल और व्हाट्सएप ग्रुप खंगाल रही पुलिस
जेल भेजे गए आरोपियों के मोबाइल फोन जब्त कर लिए गए हैं।

पुलिस कॉल डिटेल रिकॉर्ड और व्हाट्सएप ग्रुप की गहन जांच कर रही है, जिससे पूरे अवैध नेटवर्क और इसमें शामिल सफेदपोशों का भी खुलासा हो सके।

चेक प्वाइंट से अवैध परिवहन लगभग बंद
सीओ ने बताया कि चेक प्वाइंट सक्रिय होने के बाद नैनीताल मार्ग पर अवैध उपखनिज परिवहन लगभग बंद हो गया है।

शुक्रवार रात 12 बजे से शनिवार सुबह 8 बजे तक केवल 60 ट्रक-डंपर निकले शनिवार सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक 55 ट्रक-डंपर गुजरे इन सभी वाहनों के पास वैध दस्तावेज और आईएसटीपी (इंटरस्टेट ट्रांजिट पास) मौजूद था।

बिना आईएसटीपी एक राउंड में 7 हजार की अवैध बचत सीओ अरुण कुमार सिंह ने बताया कि बिना आईएसटीपी के अवैध परिवहन करने पर खनन माफिया एक ट्रक के एक राउंड में करीब 7,000 रुपये की अवैध बचत कर लेते हैं।

यही कारण है कि लंबे समय से यह गोरखधंधा फल-फूल रहा था।

उन्होंने बताया कि डीएम के आदेश पर 3 दिसंबर से बहेड़ी टोल पर चेक प्वाइंट बनाया गया है, जहां आठ-आठ घंटे की तीन शिफ्टों में अधिकारियों की तैनाती की गई है।

शुरू में माफियाओं को लगा था कि कुछ दिनों में कैंप हट जाएगा, लेकिन सख्ती जारी रहने से अब वे पूरी तरह घिर चुके हैं।

पुलिस का सख्त संदेश साफ शब्दों में कहा है कि अवैध उपखनिज परिवहन किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

समाजसेवा और ट्रांसपोर्ट की आड़ में खनन माफिया का खेल खेलने वालों को कानून के शिकंजे में कसकर जेल भेजा जाएगा।