स्टंट का मतलब मौत को न्योता, नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई
लखनऊ-बरेली: सड़क हादसों पर प्रभावी नियंत्रण और आमजन को सुरक्षित यातायात के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह का आयोजन 1 जनवरी से 31 जनवरी 2026 तक पूरे उत्तर प्रदेश में किया जा रहा है।
इस क्रम में लखनऊ में ट्रैफिक पुलिस, परिवहन विभाग और सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग, उत्तर प्रदेश के संयुक्त तत्वावधान में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
अभियान के तहत सड़क पर स्टंटबाजी करने वालों को साफ और सख्त संदेश दिया गया है
“सड़क पर स्टंटबाजी मतलब ‘ऊपर’ जाने की जल्दबाजी।”
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि तेज रफ्तार, खतरनाक स्टंट, बिना हेलमेट और सीट बेल्ट के वाहन चलाना न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि यह चालक के साथ-साथ सड़क पर चल रहे अन्य लोगों की जान के लिए भी गंभीर खतरा है।
चौराहों से स्कूल-कॉलेज तक जागरूकता अभियान ट्रैफिक पुलिस द्वारा प्रमुख चौराहों, व्यस्त मार्गों, स्कूलों और कॉलेजों में बैनर, पोस्टर और डिजिटल माध्यमों से लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
इसके साथ ही स्टंटबाजी, रैश ड्राइविंग और ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर सघन चेकिंग अभियान चलाकर चालान और कानूनी कार्रवाई भी की जा रही है।
विशेष रूप से युवाओं से अपील की गई है कि वे सोशल मीडिया पर दिखावे और रोमांच के चक्कर में अपनी और दूसरों की जान जोखिम में न डालें।
बरेली कलेक्ट्रेट में लगा जागरूकता होर्डिंग
राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के तहत बरेली कलेक्ट्रेट परिसर में परिवहन विभाग की ओर से बड़ा जागरूकता होर्डिंग लगाया गया है।
इस होर्डिंग के माध्यम से स्टंटबाजी, तेज रफ्तार और यातायात नियमों के उल्लंघन से होने वाले जानलेवा हादसों के प्रति आम नागरिकों को सचेत किया जा रहा है।
होर्डिंग पर “स्टंटबाजी नहीं, जिम्मेदारी जरूरी”, “तेज रफ्तार नहीं, सुरक्षित सफर” जैसे संदेशों के जरिए लोगों से नियमों का पालन करने और सुरक्षित ड्राइविंग अपनाने की अपील की गई है।
लाइसेंस, फिटनेस और सेफ्टी गियर पर विशेष जोर परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार सड़क सुरक्षा माह के दौरान ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन फिटनेस, हेलमेट और सीट बेल्ट के उपयोग पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
साथ ही स्कूलों और शैक्षणिक संस्थानों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर बच्चों और युवाओं को यातायात नियमों की जानकारी दी जा रही है।
सड़क सुरक्षा सबकी जिम्मेदारी सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे इस अभियान में सक्रिय भागीदारी करें और सुरक्षित ड्राइविंग को अपनी आदत बनाएं।
अधिकारियों का कहना है कि सड़क सुरक्षा केवल प्रशासन की नहीं, बल्कि हर नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है।
नियमों का पालन करके ही सड़क हादसों में कमी लाई जा सकती है और एक सुरक्षित समाज का निर्माण संभव है।
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