आधार कार्ड की त्रुटियों से बढ़ रहा अपराध: SIT गठन की मांग को लेकर गरीब शक्ति दल का जोरदार आंदोलन
बरेली समाचार
फर्जी और त्रुटिपूर्ण आधार पहले दुरुस्त हों, फिर अनिवार्यता लागू हो राष्ट्रपति के नाम सौंपा गया ज्ञापन
बरेली। भारत में बढ़ते अपराधों के पीछे आधार कार्ड की फर्जीवाड़ा और गंभीर त्रुटियों को बड़ा कारण बताते हुए गरीब शक्ति दल के पदाधिकारियों ने शुक्रवार को बरेली जिला मुख्यालय पर बुलंद आवाज में आंदोलन किया।
इस दौरान संगठन की ओर से राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन जिला प्रशासनिक अधिकारी को सौंपा गया।
गरीब शक्ति दल के नेता मनोज विकेट ने कहा कि UIDAI (विशिष्ट पहचान प्राधिकरण) और उससे जुड़े निजी कर्मचारियों द्वारा जारी किए जा रहे आधार कार्डों में नाम, पता और जन्मतिथि जैसी गंभीर त्रुटियां आम हो गई हैं। संगठन का आरोप है कि 16 सितंबर 2025 तक 142.76 करोड़ आधार कार्ड जारी करने के दावे के बीच गुणवत्ता और सत्यापन पर ध्यान नहीं दिया गया, जिससे आम नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
नेताओं ने कहा कि उत्तर प्रदेश के निबंधन कार्यालयों में बैनामा और अन्य पंजीकरण के समय पूर्व संपत्ति दस्तावेजों से नाम मेल न खाने की समस्या बढ़ रही है। इसके दुष्परिणाम आने वाले समय में जमीनी विवादों और मुकदमों में बढ़ोतरी के रूप में सामने आ सकते हैं।
संगठन ने यह भी सवाल उठाया कि जहां एक ओर साइबर अपराधियों को सजा दी जा रही है, वहीं दूसरी ओर त्रुटिपूर्ण आधार कार्ड के कारण आम जनता बेवजह संदेह और जांच के दायरे में आ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में यह तय करने के लिए कोई न्यायिक स्तर की SIT (विशेष जांच दल) नहीं है कि कौन अपराधी है और कौन निर्दोष, जिससे थानों में विवेचकों के माध्यम से लोगों को अपराधी घोषित करने की प्रक्रिया चल रही है।
गरीब शक्ति दल ने मांग की कि भारत के सभी जिलों में SIT का गठन किया जाए और उनकी क्रमिक मांग के तहत पहले त्रुटिपूर्ण आधार कार्डों को दुरुस्त किया जाए, उसके बाद ही उन्हें सरकारी विभागों में अनिवार्य किया जाए। संगठन ने “एक देश, एक आधार कार्ड” योजना को सख्ती से लागू करने की भी मांग की।
इसके साथ ही उत्तर प्रदेश में 1 फरवरी 2026 से बैनामा में आधार कार्ड अनिवार्य करने के प्रस्ताव पर आपत्ति जताते हुए कहा गया कि जब तक आधार की त्रुटियां पूरी तरह ठीक नहीं हो जातीं, तब तक निबंधन कार्यालयों में ड्राइविंग लाइसेंस, पहचान पत्र, राशन कार्ड, श्रम कार्ड जैसे अन्य दस्तावेजों को भी मान्यता दी जाए, ताकि गरीब और अंगूठाछाप जनता को राहत मिल सके।
ज्ञापन सौंपने वालों में मनोज विकेट, संजय एडवोकेट, गिरीश चंद्र सक्सेना, संजीव सागर, मोहम्मद रफी नूर्वी, मोहम्मद नासिर, जगदीश सागर, मेहंदी हसन सहित दर्जनों लोग मौजूद रहे।
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