बरेली समाचार
बरेली: डॉक्टर कपिल त्यागी की अहम भूमिका मे आने वाली फिल्म ‘गोदान’, जो 6 फरवरी को रिलीज होने जा रही है, एक बार फिर राजनीतिक और सियासी बयानबाजी के केंद्र में आ गई है। फिल्म से जुड़े एक पोस्टर और उसमें दिए गए कथित संदेश को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है।
इसी क्रम में बरेली के मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने एक अहम बयान जारी करते हुए समाज को संदेश देने की कोशिश की है। उन्होंने कहा कि फिल्म ‘गोदान’ का जो पोस्टर जारी किया गया है, उसे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा लॉन्च किया गया बताया जा रहा है, जिसमें गाय की रक्षा और सुरक्षा को लेकर कई बातें कही गई हैं।
मौलाना रजवी ने साफ शब्दों में कहा कि गाय की सुरक्षा होनी ही चाहिए, इस पर किसी तरह का विवाद नहीं होना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि वे केवल बयान नहीं दे रहे, बल्कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से गुजारिश और मांग करते हैं कि विधानसभा में एक प्रस्ताव लाकर गाय को राष्ट्र पशु घोषित किया जाए।
उन्होंने कहा…..
“हमारा साफ मुतालवा है कि इस दिशा में गंभीरता से काम होना चाहिए।”
मुस्लिम समाज के नजरिए को स्पष्ट करते हुए मौलाना रजवी ने पैगंबर-ए-इस्लाम हज़रत मोहम्मद (स.अ.व.) की हदीस का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि हदीस में साफ तौर पर गाय की अहमियत बताई गई है।
हदीस में फरमाया गया है कि गाय के गोश्त में बीमारी है और उसके दूध में शिफा है।”
मौलाना रजवी ने कहा कि जब खुद पैगंबर इस्लाम ने गाय के दूध को लाभकारी बताया है, तो इसका सीधा मतलब है कि गाय की सेवा की जानी चाहिए, उसके दूध से खुद भी और परिवार को भी फायदा पहुंचाना चाहिए।
फिल्म ‘गोदान’ को लेकर दिए गए इस बयान के बाद साफ है कि आने वाले दिनों में फिल्म, धर्म और राजनीति के बीच बहस और तेज होने वाली है। रिलीज से पहले ही फिल्म ने जिस तरह का माहौल बना दिया है, उसने इसे चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
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