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बरेली समाचार
एकात्म मानववाद के प्रणेता पं दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि पर निबंध प्रतियोगिता में अंशिका प्रथम, रहनुमा द्वितीय और वैष्णवी तृतीय रहीं
** अंतिम व्यक्ति का कल्याण ही एकात्म मानववाद है
   - प्रधानाचार्य मनोरमा रानी
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   पं. दीनदयाल उपाध्याय स्मृति विचार मंच के द्वारा कस्तूरबा नगर निगम बालिका इंटर कॉलेज पर एकात्म मानववाद के प्रणेता दीनदयाल उपाध्याय की 68 वीं पुण्यतिथि पर छात्राओं के मध्य निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसमें अनेक छात्राओं ने उत्साह से प्रतिभाग किया। कक्षा नौ की तीन छात्राओं कु.अंशिका ने प्रथम, कु. रहनुमा ने द्वितीय और कु. वैष्णवी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। 
    पं. दीनदयाल उपाध्याय स्मृति विचार मंच के अध्यक्ष विनोद कुमार गुप्ता, उपाध्यक्ष डॉ सुरेश रस्तोगी, महामंत्री इंद्रदेव त्रिवेदी, सदस्य विशाल शर्मा और प्रधानाचार्य मनोरमा रानी ने छात्राओं को खूबसूरत सुनहरी माला, स्मृति चिन्ह् और मंच का प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया। 
   कार्यक्रम का प्रारंभ विनोद कुमार गुप्ता, डॉ सुरेश रस्तोगी, इंद्रदेव त्रिवेदी और मनोरमा रानी ने दीनदयाल उपाध्याय जी के चित्र पर माल्यार्पण किया। विद्यालय की शिक्षिकाओं मोनिका देव, मिली अग्रवाल, अर्चना गुप्ता और मंजूरानी ने मां शारदे की वंदना प्रस्तुत कर वातावरण शिक्षा मय कर दिया। 
  इस अवसर पर प्रधानाचार्य मनोरमा रानी ने संबोधित करते हुए कहा कि दीनदयाल उपाध्याय की एकात्म मानववाद की अवधारणा एक - एक व्यक्ति का कल्याण करने की योजना है। आर्थिक, सामाजिक और शैक्षिक रूप से अंतिम व्यक्ति का कल्याण हो, यही एकात्म मानववाद है। 
    अपने संबोधन में अध्यक्ष विनोद कुमार गुप्ता ने कहा कि दीनदयाल उपाध्याय के विचार आज की नई पीढ़ी के लिए प्रासंगिक हैं क्योंकि उनके जैसा संगठन कर्ता और चिंतक होने की सार्थकता से सीखने की आवश्यकता है। 
   उपाध्यक्ष डॉ सुरेश रस्तोगी ने बताया कि हमारी संस्था ने विगत वर्ष दीनदयाल उपाध्याय की आदमकद मूर्ति दीनदयाल परम् में लगवाई थी, जिसका अनावरण झारखंड के राज्यपाल मा. संतोष गंगवार ने किया था। उन्होंने मांग की कि डी डी पुरम् को सरकारी कागजों में दीनदयाल पुरम् ही लिखा जाए और आम जनता भी दीनदयाल पुरम् ही बोले । सदस्य विशाल शर्मा  ने पं. दीनदयाल उपाध्याय का जीवन परिचय पढ़कर सुनाया। 
   कार्यक्रम का संचालन महामंत्री इंद्रदेव त्रिवेदी ने किया और उन्होंने छात्राओं से दीनदयाल उपाध्याय जी के जीवन चरित्र से संबंधित प्रश्न भी छात्राओं से  पूछे। विद्यालय की प्रधानाचार्य मनोरमा रानी ने सभी का आभार व्यक्त किया। 
    कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शिक्षिकायें और छात्रायें उपस्थित रहीं। इनमें मोनिका देव, मिली अग्रवाल, अर्चना गुप्ता, मंजू रानी,  अंशिका, रहनुमा, वैष्णवी, हीर , तनु, हर्षिता, वंदना, लक्ष्मी, भागवती, शीतल, अनुष्का और से जल प्रमुख रहीं। 
   - इंद्रदेव त्रिवेदी, महामंत्री

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